गैलियम स्कैन क्या होता है । Gallium scan in Hindi

जनवरी 21, 2021 Lifestyle Diseases 807 Views

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गैलियम स्कैन का मतलब हिंदी में,  (Gallium scan Meaning in Hindi)

गैलियम स्कैन क्या होता है ?

गैलियम स्कैन एक तरह की परीक्षण प्रक्रिया है जो अनियंत्रित कोशिका विभाजन व संक्रमण, सूजन और ट्यूमर की जांच किया जाता है। यह स्कैन आमतौर पर  अस्पताल के परमाणु चिकित्सा विभाग में किया जाता है। इसमें रेडिओएक्टीव पदार्थ गैलियम का उपयोग किया जाता है। हालांकि गैलियम एक रेडियोधर्मी धातु है, जिसे एक घोल में मिलाया जाता है। इसे मरीज के हाथ में इंजेक्ट किया जाता है और रक्त के माध्यम से मरीज के अंगों और हड्डियों में एकत्रित होता है। इंजेक्शन के बाद,मरीज के शरीर को देखने के लिए स्कैन किया जाता है कि शरीर में कहाँ और कैसे गैलियम जमा हुआ है। इस जांच प्रक्रिया में जोखिम एक्स -रे या सीटी स्कैन से कम होता है। चलिए आज के लेख के माध्यम से आपको गैलियम स्कैन के बारे में विस्तार से बतायेंगे।

  • गैलियम स्कैन क्यों किया जाता हैं ? (What are the Purpose of Gallium scan in Hindi)
  • गैलियम स्कैन कैसे किया जाता हैं ? (What are the Procedure of Gallium scan in Hindi)
  • गैलियम स्कैन से पहले की तयारी ? (Before Gallium scan in Hindi)
  • गैलियम स्कैन के क्या जोखिम हो सकते हैं ? (What are the Risks of Gallium scan in Hindi)
  • गैलियम स्कैन के परिणाम क्या आ सकते है ? (What do Results of Gallium scan mean in Hindi)

गैलियम स्कैन क्यों किया जाता हैं ? (What are the Purpose of Gallium scan in Hindi)

गैलियम स्कैन का उपयोग शरीर में अनियंत्रित विभाजित कोशिकाओं की जांच करने के लिए किया जाता है। इस जांच के माध्यम से कैंसर कोशिकाओं और संक्रमण से बढ़ने वाली कोशिका का पता लगाया जाता है। इसके अलावा कई तरह की गंभीर स्तिथियो में गैलियम स्कैन करवाने की सलाह दी जा सकती है। 

  • दवा लेने के कारण फेफड़े क्षतिग्रस्त हो गया हो। 
  • बिना किसी कारण बुखार आने लगना। 
  • हड्डियों में संक्रमण होना। 
  • फेफड़े में किसी तरह की गड़बड़ी होना। 
  • फेफड़ो में सूजन आना।  (और पढ़े – लंग कैंसर क्या है)

गैलियम स्कैन कैसे किया जाता हैं ? (What are the Procedure of Gallium scan in Hindi)

गैलियम स्कैन की प्रक्रिया में मरीज की नस में गैलियम इंजेक्ट कर लेंगे। जैसा की आगे आपको बताया गैलियम एक रेडियोधर्मी पदार्थ है। यह पदार्थ रक्तप्रवाह के माध्यम से यात्रा करता है और हड्डियों और कुछ अंगों में इकट्ठा होता है। जांच विशेषज्ञ मरीज को बाद में स्कैन होने के लिए वापस जाने के लिए कहते है। गैलियम इंजेक्ट होने के 6 से 48 घंटे बाद स्कैन किया जाता है। हालांकि परीक्षण का समय इस बात पर निर्भर करता है कि आपका चिकिस्तक किस स्थिति में है। कुछ मामलों में, लोगों को एक से अधिक बार स्कैन किया जाता है।आप  यदि स्कैनर टेबल पर अपनी पीठ पर झूठ बोलेंगे, तो एक विशेष कैमरा पता लगाता है कि गैलियम शरीर में कहां एकत्रित हुआ है। मरीज को स्कैन के दौरान स्थिर रहना चाहिए, जिसमें 30 से 60 मिनट लगते हैं। (और पढ़े – फुल बॉडी चेक अप क्या है)

गैलियम स्कैन से पहले की तयारी ? (Before Gallium scan in Hindi)

यह जांच करवाने से पहले चिकिस्तक आपसे स्वास्थ्य संबंधित बीमारी के बारे में पूछते है। अगर आपको किसी तरह की समस्या या दवा से एलर्जी होती है तो चिकिस्तक को पूरी जानकारी दे। ऐसा इसलिए कुछ दवा जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। इस जांच के पहले रात को लैक्सेटिव लेना चाहिए ताकि जांच की प्रक्रिया प्रभावित न हो। जांच प्रक्रिया के पहले खाना पीना कर सकते है। इसके अलावा जांच के पहले सारे आभूषण व मेटल की वस्तु को निकाल दे। यदि कोई महिला गर्भवती है या स्तनपान करवाती है तो चिकिस्तक को पहले बता दे। इस जांच में रेडियोएक्टिव पदार्थ का उपयोग होता है जो शिशु व माँ के स्तनों पर बुरा प्रभाव डालता है। (और पढ़े – एंडोस्कोपी क्यों किया जाता है)

गैलियम स्कैन के क्या जोखिम हो सकते हैं ? (What are the Risks of Gallium scan in Hindi)

  • गैलियम स्कैन करने का कोई गंभीर जोखिम नहीं होता है। यह एक्स-रे या सीटी स्कैन से जुड़े जोखिम से भी कम होता है। यदि किसी व्यक्ति का कई बार  गैलियम स्कैन करवाया हैं, तो जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है।
  • गैलियम की एक ट्रेस मात्रा आपके ऊतकों में कुछ हफ्तों तक रह सकती है, लेकिन आपका शरीर गैलियम को स्वाभाविक रूप से समाप्त कर देता है। 
  • गर्भवती महिलाओं का गैलियम स्कैन नहीं करवाने की सलाह दी जाती है ताकि शिशु पर किसी तरह का प्रभाव न पडे।  (और पढ़े – समय से पहले जन्मा बच्चा कैसा दिखता है)

गैलियम स्कैन के परिणाम क्या आ सकते है ? (What do Results of Gallium scan mean in Hindi)

गैलियम स्कैन में चिकिस्तक इमेज को देखकर सटीक परिणाम बताते है। इमेज में शरीर के चारो तरफ एक लाइन बनी होती है और इमेज में कुछ जगह डार्क भी नजर आने लगते है। 

  • गैलियम स्कैन के सामान्य परिणाम में हड्डियों, लिवर, स्तनों के ऊतक, बड़ी आंत में देखा जा सकता है। 
  • गैलियम स्कैन के असामान्य परिणाम में शरीर के अन्य भाग में नजर आ सकते है। जैसे संक्रमण, सूजन, ट्यूमर आदि। इसके अलावा फेफड़ो से संबंधित समस्या का कारण पता लग सकता है। जैसे श्वसन संक्रमण, ट्यूमर, फेफड़ो में असामान्य गांठ, प्राइमरी पुलमोनोरि हाइपरटेंशन आदि। (और पढ़े – अस्थमा का इलाज क्या है)

हमें आशा है की आपके प्रश्न गैलियम स्कैन क्या होता है ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको गैलियम स्कैन के बारे में अधिक जानकारी चाहिए तो (Nuclear Medicine Doctor) से ले सकते है। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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