इओसिनोफिलिया के घरेलू उपाय । Home Remedies for Eosinophils in Hindi

मई 17, 2021 Lifestyle Diseases 16418 Views

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इओसिनोफिलिया का मतलब हिंदी में (Eosinophils Meaning in Hindi)

इओसिनोफिलिया के घरेलू उपाय

इओसिनोफिलिया एक तरह का रोग है जो किसी भी हो सकता है। यह रोग बच्चे, बड़ो या बूढ़े को प्रभावित कर सकता है। मनुष्य के शरीर में यदि इओसिनोफिलिस कोशिकाओं के स्तर को बढ़ाने लगता है और इस स्तिथि को इओसिनोफिलिया कहा जाता है। रक्त में यदि इओसिनोफिल्स 500 से अधिक हो जाती है तो इओसिनोफिलिया रोग की स्तिथि बन जाती है। हालांकि इसमें रोगो से लड़ने वाली सफ़ेद कोशिका बढ़ने से शरीर में एलर्जी होने लगती है या कैंसर का संकेत पैदा करते है। इसके अलावा रक्त के अन्य दवा में बढ़ सकते है व शरीर के अन्य भाग व ऊतक भी बढ़ सकते है। उदहारण के तौर पर कहे तो मूत्राशय, फेफड़े, लिवर, मांसपेशिया, मज्जा, नसे आदि। यदि शुरुवाती इओसिनोफिलिया है तो कुछ घरेलु उपाय की मदद से ठीक किया जा सकता है। लेकिन गंभीर रूप से पीड़ित है तो आपो चिकिस्तक उपचार की आवश्यकता होती है। चलिए आज के लेख में आपको इओसिनोफिलिया के घरेलु उपचर के बारे में बताने वाले हैं। 

  • इओसिनोफिलिया के घरेलू उपाय ? (Home Remedies for Eosinophils in Hindi)
  • इओसिनोफिलिया के दौरान क्या करना चाहिए ? (Your Diet in Eosinophils in Hindi)
  • इओसिनोफिलिया के दौरान क्या नहीं करना चाहिए ? (Avoid These in Eosinophils in Hindi)

इओसिनोफिलिया के घरेलू उपाय ? (Home Remedies for Eosinophils in Hindi)

इओसिनोफिलिया के निम्नलिखित घरेलू उपाय है। चलिए आगे विस्तार से बताते हैं। 

  • नीम करें इओसिनोफिलिया का इलाज नीम एक तरह का आयुर्वेदिक उपचार है जिसका उपयोग पुराने समय से स्वास्थ्य से जुडी बीमारियों के लिए किया जाता है। इओसिनोफिलिया की बीमारी में नीम बहुत उपयोगी होता है। भोजन के बाद ज्यादा नहीं बल्कि एक चम्मच नीम के रस का सेवन करना चाहिए ताकि पित्त व कफ सामान्य हो सके। यह शरीर से संक्रमण को दूर करने के साथ रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है। यदि इओसिनोफिलिया से परेशान है तो घरेलू उपचार में नीम की पत्तियों का उपयोग जरूर करें। (और पढ़े – नीम के फायदे और नुकसान)
  • प्याज करे इओसिनोफिलिया का इलाज – प्याज में बहुत से पोषक तत्व होता है जो शरीर के लिए फायदेमंद होता है। इओसिनोफिलिया का उपचार प्याज के रस का उपयोग किया जाता है। प्याज के रस का उपयोग करने के लिए एक ग्लास पानी में प्याज के रस को मिलाकर पीना चाहिए। इस प्रक्रिया से इओसिनोफिलिया से आराम मिलता है। (और पढ़े – एनीमिया का उपचार क्या हैं)
  • अदरक का उपयोग इओसिनोफिलिया – अदरक में कई तरह के औषधीय गुण होता है जो स्वास्थ्य की समस्या को ठीक करने में सहायक होता है। इओसिनोफिलिया को ठीक करने के लिए अदरक को पीसकर चाय बनाकर पीना चाहिए, ऐसा करने से व्यक्ति को आराम मिलता है। (और पढ़े – अदरक के फायदे और नुकसान)
  • मेथी करे इओसिनोफिलिया को दूर – मेथी आयुर्वेदिक जड़ी बूटी के रूप में बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। मेथी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। मेथी का उपयोग करने के लिए एक ग्लास गर्म पानी में एक चम्मच मेथी के चूर्ण को मिलाकर व्यक्ति को कुल्ला करना चाहिए। ऐसा करने से गले के सूजन को कम करने के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा इओसिनोफिलिया की समस्या को कम करने में सहायक होता है। (और पढ़े – मेथी के फायदे और नुकसान)
  • भाप लेने इओसिनोफिलिया को कम करें –  इओसिनोफिलिया से आराम पाने के लिए भाप लेना फायदेमंद होता है। भाप लेने के लिए नीलगिरी तेल की कुछ बूंदो का उपयोग करना चाहिए। भाप लेने के लिए एक तौलिये से मुंह ढक कर पानी को सूंधना चाहिए। इस प्रक्रिया कफ से छुटकारा मिलने में मदद मिलता है। (और पढ़े – सर्दी में क्या खाना चाहिए)
  • भार्गी बेहरीन घरेलु उपचार इओसिनोफिलिया – भार्गी एक तरह की औषधि है जिसका उपयोग काढ़ा के रूप में किया जाता है। अस्थमा व इओसिनोफिलिया के उपचार में फायदेमंद होता है। भार्गी काढ़े का उपयोग दिन में छोटा चम्मच दो से चार बार करना चाहिए। (और पढ़े – अस्थमा का इलाज क्या हैं)
  • शहद व पानी का उपयोग –  इओसिनोफिलिया के स्तर को कम करने के लिए शहद व पानी का उपयोग लाभदायक होता है। रोजाना सुबह एक ग्लास पानी में शहद मिलाकर पीना चाहिए। जैसा की आपको मालूम शहद में एंटीबायोटिक गुण होता है जो शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। रक्त में सफ़ेद कोशिकाओं की मात्रा को सामान्य करता है।

इओसिनोफिलिया के दौरान क्या करना चाहिए ? (Your Diet in Eosinophils in Hindi)

इओसिनोफिलिया के दौरान निम्न चीजों को शामिल करना चाहिए। 

  • अपने आहार में विटामिन व खनिज को शामिल करना चाहिए। जैसे – हरी पत्तेदार सब्जी व ताजे फल का सेवन करना चाहिए। 
  • यदि आपको किसी चीज से एलर्जी होती है तो उसे आहार में शामिल नहीं करना चाहिए जो बीमारी को बढ़ाने का जोखिम पैदा करें। 
  • अपनी इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए शहद, हल्दी, लहसुन, काली मिर्च को शामिल करना चाहिए। यह इम्युनिटी को मजबूत करने में सहायक होता है।

इओसिनोफिलिया के दौरान क्या नहीं करना चाहिए ? (Avoid These in Eosinophils in Hindi)

इओसिनोफिलिया होने पर व्यक्ति को निम्न चीजों से परहेज करना चाहिए। 

  • मसालेदार भोजन व अधिक तेल मिर्च नहीं लेना चाहिए। 
  • अत्यधिक खट्टे पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए जैसे – दही, ईमली, आचार आदि। 
  • इओसिनोफिलिया से पीड़ित होने पर दूध से बनी चीजों से परहेज करना चाहिए। जैसे – दही व दूध आदि। 
  • इओसिनोफिलिया में मीठा नहीं खाना चाहिए।  (और पढ़े – मीठा खाने के फायदे व नुकसान)

हमें आशा है की आपके प्रश्न इओसिनोफिलिया के घरेलू उपाय ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको इओसिनोफिलिया के बारे में जानकारी एव इलाज करवाना हो, तो तुरंत इम्मुनिटीलोगिस्ट (Immunologist) से संपर्क करें।

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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