हाइपोथर्मिया क्या होता हैं । Hypothermia in Hindi

Login to Health जनवरी 9, 2021 Lifestyle Diseases 257 Views

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हाइपोथर्मिया क्या होता हैं ? (Hypothermia Meaning in Hindi)

हाइपोथर्मिया एक तरह की गंभीर स्थिति है जिसमें शरीर का तापमान असामान्य रूप से निम्न स्तर तक गिर जाता है। यह तब होता है जब शरीर उस गर्मी का मुकाबला करने के लिए पर्याप्त गर्मी का उत्पादन करने में असमर्थ होता है जो वह खोते जा रहा है। शरीर के तापमान को नियंत्रित करने वाले मस्तिष्क के हिस्से को हाइपोथैलेमस कहा जाता है। जब हाइपोथैलेमस शरीर के तापमान में परिवर्तन को पहचानता है, तो यह शरीर की प्रतिक्रिया को तापमान में वापस लाने के लिए पहल करता है। शरीर कोशिकाओं में नियमित चयापचय प्रक्रियाओं के दौरान गर्मी पैदा करता है जो महत्वपूर्ण शारीरिक कार्यों का समर्थन करता है। अधिकांश गर्मी संवहन, चालन, विकिरण और वाष्पीकरण की प्रक्रियाओं द्वारा त्वचा की सतह के माध्यम से शरीर को छोड़ देती है। यदि वातावरण ठंडा हो जाता है, तो शरीर में चमक आती है। मांसपेशियों की गतिविधि में यह वृद्धि अधिक गर्मी उत्पन्न करती है। हालांकि, अगर शरीर इसे बनाने की तुलना में अधिक तेज़ी से गर्मी खो देता है, तो कोर तापमान गिर जाएगा। जैसे ही तापमान गिरता है, शरीर गर्मी से बच निकलने वाली गर्मी को कम करने के लिए त्वचा से रक्त को बहा देता है। हाइपोथर्मिया हाइपरथर्मिया के विपरीत होता है, जिसमें ऊंचा शरीर का तापमान शामिल है और गर्मी थकावट या हीट स्ट्रोक के रूप में पेश कर सकता है। चलिए आज के लेख में आपको हाइपोथर्मिया क्या होता हैं?  के बारे में विस्तार से बताते है। 

  • हाइपोथर्मिया के प्रकार ? (Types of Hypothermia in Hindi)
  • हाइपोथर्मिया के कारण क्या हैं ? (Causes of Hypothermia in Hindi)
  • हाइपोथर्मिया के लक्षण क्या हैं ? (Symptoms of Hypothermia in Hindi)
  • हाइपोथर्मिया का निदान ? (Diagnoses of Hypothermia in Hindi)
  • हाइपोथर्मिया का इलाज क्या हैं ? (Treatments for Hypothermia in Hindi)

हाइपोथर्मिया के प्रकार ? (Types of Hypothermia in Hindi)

हाइपोथर्मिया को तीन प्रकार है। 

  • हल्का हाइपोथर्मिया में तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस होता है। 
  • मध्यम हाइपोथर्मिया में तापमान 28 से 32 डिग्री सेल्सियस होता है। 
  • गंभीर हाइपोथर्मिया में तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से निचे होता है। 

हाइपोथर्मिया के कारण क्या हैं ? (Causes of Hypothermia in Hindi)

हाइपोथर्मिया के निम्न कारण हो सकते है। 

  • कुछ ऐसी बीमारिया होती है जो तापमान को अधिक व ठंडा को प्रभावित कर सकती है। जैसे मधुमेह, थायरॉइड, गठिया, निर्जलीकरण व पार्किसन आदि है। 
  • शरीर के तापमान को नियंत्रित करने की क्षमता को कुछ निम्न दवा जैसे एंटीसाइकोटिक व सेड़ेटिव्स प्रभावित करती है। इन दवाओं का सेवन चिकिस्तक के सलाह के अनुसार लेना चाहिए। 
  • नशीले पदार्थ लेने व शराब का सेवनं करने से ठंड महसूस करने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इससे व्यक्ति ठंडी के मौसम में बेहोश हो सकता है या व्यक्ति को शरीर के भीतर अधिक गर्म होने का एहसास हो सकता है। शराब के नशे में होने से व्यक्ति को कोई सुध नहीं होती है की ठंडा या गर्म है। 

अन्य जोखिम कारक –

  • अत्यधिक थकान होना। 
  • कुपोषित का शिकार। 
  • मानसिक बीमारी से ग्रस्त होना। (और पढ़े – डिमेंशिया बीमारी का कारण क्या है)
  • कार्डियोवेस्कुलर बीमारी। 
  • अत्यधिक ठंड के संपर्क में रहना। 
  • शिशु, बुजुर्ग व वयस्क को ठंड अधिक प्रभावित करती है। 

हाइपोथर्मिया के लक्षण क्या हैं ? (Symptoms of Hypothermia in Hindi)

हाइपोथर्मिया के शुरुवाती संकेत में शामिल है। 

  • कंपकंपी होना। 
  • थकान महसूस करना। 
  • तेजी से सांस लेना। 
  • त्वचा ठंडा होना। 
  • स्पष्ट न बोल पाना। 

हाइपोथर्मिया के बढ़ने पर कुछ निम्न लक्षण नजर आते है। 

  • सांस लेने में कठिनाई होना। 
  • बेहोशी आना। 
  • बहुत नींद आना। (और पढ़े – नींद में कमी आना)
  • मांसपेशियो में अकड़न होना। 
  • कोमा में जाने पर व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। 
  • अत्यधिक कंपकंपी होने पर शरीर का तापमान 90 डिग्री के निचे जा सकता है। 
  • सिर अधिक ठंडा होना। 

हाइपोथर्मिया का निदान ? (Diagnoses of Hypothermia in Hindi)

हाइपोथर्मिया का निदान मरीज के लक्षण के आधार पर किया जाता है। चिकिस्तक के अनुसार अभी तक कोई स्पष्ट तापमान रीडर नहीं है जो शरीर का तापमान मापा जाये, लेकिन लो रेडिंग थर्मामीटर से बॉडी तापमान मापा जा सकता है। यदि शरीर का तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस है तो हल्का हाइपोथर्मिया रहता है। इसके अलावा अधिक गंभीर होने पर शरीर का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के निचे चला जाता है। (और पढ़े – बुखार के कारण क्या है)

हाइपोथर्मिया का इलाज क्या हैं ? (Treatments for Hypothermia in Hindi)

हाइपोथर्मिया का उपचार शरीर के तापमान के सामान्य करना होता है। मरीज का तापमान बढ़ने पर देखभाल की अधिक जरूरत होती है और कुछ निम्न सावधानियां रखना आवश्यक होता है। 

  • यदि व्यक्ति का तापमान अधिक है तो उनके शरीर को अधिक हिलाना-डुलाना नहीं चाहिए, इससे कार्डियक अरेस्ट की संभावना हो सकती है। इसके अलावा ठंड से बचाये व हाथ और पैर को अधिक रगड़ना नहीं चाहिए। 
  • पीड़ित व्यक्ति के शरीर के गीले कपडे व मोज़े को निकाल दे और गर्मी देने के लिए एक ऊनी कंबल से पुरे शरीर को अच्छे से ढक दे, लेकिन मुंह को खुला रखे। व्यक्ति को बिलकुल भी हवा न लगने दे इस बात का ध्यान रखना जरुरी है। 
  • पीड़ित व्यक्ति के शरीर का तापमान सामान्य करने के लिए गर्म पट्टी करना चाहिए। जैसे बोतल में गर्म पानी या कपडे में गर्म पानी लगाकर शरीर को गर्माहट दे सकते है। गर्म पत्तियों का उपयोग छाती, गर्दन व ग्रोइन पर करना चाहिए। इसके अलावा गर्म पट्टी हाथो और पेरो पर करने से बचे। हालांकि गर्म पानी बहुत अधिक भी गर्म नहीं होना चाहिए की आपकी त्वचा को जला दे। 
  • यदि किसी व्यक्ति को गंभीर रूप से हाइपोथर्मिया हुआ है तो चिकिस्ता उपचार के लिए नमकीन तरल पदार्थ इंजेक्शन के माध्यम से नसों तक पहुंचाया जाता है। यह शरीर के रक्त में गर्माहट पैदा करने में मदद करते है। इसके अलावा मास्क और नाक में डाले जाने वाली ट्यूब के माध्यम से एयरवे रिंगवार्मिंग की जाती है। 
  • यदि कोई व्यक्ति अत्यधिक गंभीर अवस्था में है और बेहोश हो रहा है तो ऐसे में तुरंत एम्बुलेंस को कॉल कर बुलाना चाहिए ताकि मरीज को आपातकालीन स्तिथि में अस्पताल में भर्ती करवाया जा सके। ऐसे में मरीज की सांसे सही से नहीं चल रही है तो मरीज को सीपीआर तुरंत देना चाहिए। हालांकि दिल की गति कम हो रही है तो ऐसे में सीपीआर नहीं देना चाहिए। एम्बुलेंस के आने तक मरीज के सांस की जांच करते रहे। (और पढ़े – कार्डियक अरेस्ट क्या है)

हमें आशा है की हाइपोथर्मिया क्या होता हैं ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको हाइपोथर्मिया के बारे में अधिक जानकारी व उपचार करवाने के लिए सामान्य चिकिस्तक (General Physician) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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