लेरिंजेक्टॉमी क्या हैं । Laryngectomy Meaning in Hindi.

Dr Gaurav Chaturvedy

Dr Gaurav Chaturvedy

ENT Specialist, Jaslok Hospital, 13 years of experience

नवम्बर 2, 2020 Lifestyle Diseases 584 Views

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लेरिंजेक्टॉमी क्या हैं ? (Laryngectomy Meaning in Hindi)

लैरींक्स (स्वरयंत्र) को निकालने की सर्जिकल प्रक्रिया को लेरिंजेक्टॉमी कहा जाता है। इस सर्जरी का उपयोग उन मरीजों पर किया जाता है जो कैंसर से पीड़ित है या स्वरयंत्र में किसी तरह के चोट से प्रभावित है। इसके अलावा विकिरण उपचार के कारण स्वरयंत्र को नुकसान पंहुचा हो आदि। आपको बता दे, स्वरयंत्र व्यक्ति के नाक व फेफड़ों के बीच संबंध को जोड़ता है। यह भोजन को फेफड़ों में प्रवेश करने से रोकता है और श्वास प्रणाली की सुरक्षा करता है। यदि लेरिंजेक्टॉमी है तो व्यक्ति के बोलने, निगलने व साँस लेने की क्षमता को प्रभावित करता है। हालांकि सर्जरी के बाद व्यक्ति को सभी कार्यो को करने के लिए कुछ नये तरीके अपनाने पड़ते है। चलिए आज के लेख में आपको लेरिंजेक्टॉमी क्या हैं के बारे में विस्तार से बतायेंगे। 

  • लेरिंजेक्टॉमी क्यों किया जाता हैं ? (What are the Purpose of Laryngectomy in Hindi)
  • लेरिंजेक्टॉमी कैसे किया जाता हैं ? (What are the Procedure of Laryngectomy in Hindi)
  • लेरिंजेक्टॉमी के बाद देखभाल ? (How to Care After Laryngectomy in Hindi)
  • लेरिंजेक्टॉमी के बाद क्या जटिलताएं आ सकती हैं ? (What are the Risks of Laryngectomy in Hindi)
  • भारत में लेरिंजेक्टॉमी का कितना खर्च लगता हैं ? (What is Cost of Laryngectomy in India in Hindi)

लेरिंजेक्टॉमी क्यों किया जाता हैं ? (What are the Purpose of Laryngectomy in Hindi)

लेरिंजेक्टॉमी करवाने से पहले चिकिस्तक से बात कर लेनी चाहिए, की यह आपके लिए सही है या नहीं। 

लेरिंजेक्टॉमी कैसे किया जाता हैं ? (What are the Procedure of Laryngectomy in Hindi)

लेरिंजेक्टॉमी करने के पहले चिकिस्तक आपके गले और स्वरयंत्र की शारीरिक परीक्षण करते है ताकि आपके अनियमियता का निदान कर सकें। इसके अलावा कई इमेजिंग परीक्षण करते है। जैसे सीटी स्कैन व एमआरआई स्कैन आदि। इनका उपयोग स्वरयंत्र में कैंसर के निदान के लिए किया जाता है। 

  • सीटी स्कैन (CT Scan) सीटी स्कैन में उच्च ऊर्जा एक्स-रे का उपयोग किया जाता है। 
  • एमआरआई स्कैन (MRI Scan) एमआरआई स्कैन लैरींक्स की विस्तृत छवियों का उत्पादन करने के लिए चुंबकीय तरंगों का उपयोग किया जाता है। 

लेरिंजेक्टॉमी लैरींक्स निकालने की एक सर्जिकल प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया को कई तरह से किया जा सकता है। 

  • कुल लेरिंजेक्टॉमी (Total Laryngectomy) इस प्रक्रिया में पूरे वॉयस बॉक्स को हटाया जाता है। इसमें आपके स्वरयंत्र तक पूरी पहुंच प्रदान करने के लिए गर्दन में एक चीरा लगाया जाता है और आवाज बॉक्स और संबंधित लिम्फ नोड्स को हटा दिया जाता है। यदि थायरॉयड ग्रंथि के लोब है तो हटा दिए जाते हैं। नाक और फेफड़ों के बीच की खाली जगह को भरने के लिए  लेरिंजोस्टोम रखा जाता है। इसके बाद श्वासनली स्टोमा से जुड़ी होती है जो स्थायी रूप से अंदर रहने वाली होती है और सांस लेने में सुविधा देती है।
  • आंशिक लेरिंजेक्टोमी (Partial Laryngectomy) इस प्रक्रिया में उन हिस्सों को हटाया जाता है जो केवल कैंसर कोशिकाओं से प्रभावित होते हैं। इसके लिए स्वरयंत्र की आवश्यकता नहीं होती है और यह आवाज और निगलने की क्षमता को भी बनाए रखते है। 

लेरिंजेक्टॉमी के बाद देखभाल ? (How to Care After Laryngectomy in Hindi)

  • सर्जरी के बाद मरीज को दूसरे कमरे में शिफ्ट किया जाता है जिसमे चिकिस्तक और नर्स की टीम मरीज के रक्तचाप, श्वास और हृदय गति की निगरानी करते है।  ऑक्सीजन पे ध्यान देते है। 
  • मरीज को गले क्षेत्र को ठीक होने की अवधि के दौरान भोजन खिलाने के लिए एक ट्यूब को मुंह के जरिए पेट में डाला जाता है जिससे भोजन सीधे पेट में जाएं।  इसमें रोगी सीखता है कि फिर से कैसे निगलें।
  • मरीज को नियमित रूप से थोड़ा चलना फिरना चाहिए ताकि रक्त के थक्के न जमे। 
  • मरीज के लिए भाषा चिकित्सा की सलाह दी जा सकती है ताकि यह सीख सके कि स्वरयंत्र के बिना फिर से कैसे बोलें। (और पढ़े – स्पीच थेरेपी क्या है)
  • मरीज के लिए यह सीखना आवश्यक है कि कैसे रंध्र की देखभाल की जाए क्योंकि इसे नमक के पानी के स्प्रे का उपयोग करके नियमित रूप से साफ किया जाना चाहिए।

लेरिंजेक्टॉमी के बाद क्या जटिलताएं आ सकती हैं ? (What are the Risks of Laryngectomy in Hindi)

लेरिंजेक्टॉमी के बाद कई तरह के जोखिम हो सकते हैं। 

  • सर्जरी के दौरान रक्त की बहुत हानि हो सकती है। 
  • गर्दन के दोनों किनारों पर किए गए चीरों के कारण कुल लेरिंजेक्टोमी में संक्रमण भी हो सकता है। 
  • लार फिस्टुला की संभावना भी होती है जिसमें लार ग्रसनी से गर्दन तक लीक होती है। 
  • सर्जरी के दौरान पैराथायराइड और थायरॉयड ग्रंथियों को हटाने के कारण अस्थायी हाइपोकैल्सीमिया और हाइपोथायरायडिज्म हो सकता है।
  • मरीज स्टैमनल स्टेनोसिस से भी पीड़ित हो सकता है। 

भारत में लेरिंजेक्टॉमी का कितना खर्च लगता हैं ? (What is Cost of Laryngectomy in India in Hindi)

भारत में लेरिंजेक्टॉमी सर्जरी कराने का कुल खर्च लगभग INR 220936 से INR 294582 तक लग सकता है। हालांकि भारत में बहुत से बड़े अस्पताल के डॉक्टर है जो लेरिंजेक्टॉमी का इलाज करते है। लेकिन सभी अस्पतालों में लेरिंजेक्टॉमी का खर्च अलग-अलग है। अगर आप अच्छे अस्पतालों में लेरिंजेक्टॉमी के खर्च व डॉक्टर के बारे में जानकारी के लिए (और पढ़े – लेरिंजेक्टॉमी का इलाज खर्च) 

अगर आप विदेश से आ रहे है तो आपकी लेरिंजेक्टॉमी सर्जरी के इलाज के खर्च के अलावा होटल में रहने का खर्चा होगा, रहने का खर्चा होगा, लोकल ट्रेवल का खर्चा होगा। इसके अलावा सर्जरी के बाद मरीज को दो दिन अस्पताल और सात दिन होटल में रिकवरी के लिए रखा जाता है, इसलिए सभी खर्चे मिलाकर INR 249,153 होते है जो एक साथ अस्पताल में लिये जाते है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए (और पढ़े – लेरिंजेक्टॉमी का इलाज खर्च

हमें आशा है की आपके प्रश्न लेरिंजेक्टॉमी क्या हैं ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको लेरिंजेक्टॉमी के बारे में अधिक जानकारी व उपचार करवाना हो तो (General Physician) से संपर्क कर सकते हैं।

 हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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