जावित्री के 9 फायदे और नुकसान। Benefits and Side-Effects of Mace (Javitri) in Hindi

दिसम्बर 10, 2019 Lifestyle Diseases 10009 Views

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Mace (Javitri) Meaning in Hindi

जावित्री एक तरह का मसाला है इसे अंगेजी में मास (Mace) के नाम से जाना जाता है। जावित्री जायफल के परिवार के सदस्य मानी जाती है। इसके बहुत से स्वास्थ्य लाभ होते है जिस तरह अन्य मसाले के होते है। जावित्री जायफल का बीज होता है यह रंग में हल्के पिले, सुनहरे रंग का होता है। यह भोजन का स्वाद बढ़ाने में कारगर साबित होती है। जावित्री में भरपूर मात्रा में पौष्टिक तत्व उपस्थित होते है जो कई तरह के विकारो के जोखिम को कम करता है। चलिए आपको विसतर से जावित्री के फायदे और नुकसान के बारे में जानकारी बताते है।

  • जावित्री के पौष्टिक तत्व क्या है ? (What are the Nutrients and Minerals Found in Mace (Javitri) in Hindi)
  • जावित्री के फायदे क्या है ? (What are the Benefits of Mace (Javitri) in Hindi)
  • जावित्री के नुकसान क्या है ? (What are the Side-Effects of Mace (Javitri) in Hindi)

जावित्री के पौष्टिक तत्व क्या है ? (What are the Nutrients and Minerals Found in Mace (Javitri) in Hindi)

जावित्री में भरपूर मात्रा में पौष्टिक तत्व और खनिज होते है। इसमें एनर्जी, केसीएल, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कोलेस्ट्रॉल, डायटरी फाइबर, विटामिन, फॉलेट, माइक्रोग्राम, नायसिन, पायरीडॉक्सीन, राइबोफ्लेविन, थियामिन, विटामिन ए, विटामिन सी, इलेक्ट्रोलाइट, सोडियम, पोटैशियम, मिनरल्स, कैल्शियम,  कॉपर, आयरन, मैग्नीशियम, मैंगनीज, फास्फोरस आदि है।

जावित्री के फायदे क्या है ? (What are the Benefits of Mace (Javitri) in Hindi)

जावित्री के बहुत फायदे होते है।

  • त्वचा के लिए – आजकल लोग अपने चेहरों को खूबसूरत बनाने के लिए बहुत से मेक अप का उपयोग करते है जो की कुछ समय के लिए सुंदरता बनाये रखता है। लेकिन कुछ समय बाद त्वचा पहले जैसी हो जाती है। प्राकृतिक रूप से त्वचा में निखार लाने के लिए जावित्री का उपयोग करना चाहिए। इसमें मौजूद मैक्लिग्नन (macelignan) सूरज की हानिकारक किरणों से बचाव करता है। (और पढ़े – दूध के फायदे त्वचा के लिए)
  • अनिद्रा को दूर करने में – अनिद्रा यानि नींद न आने की समस्या बहुत से लोगो को हो रही है। इसका मुख्य कारण तनाव और चिंता हो सकती है। जिसे ठीक करने के लिए लोग बहुत सी दवाओं का उपयोग करते है लेकिन कुछ फायदा नहीं होता है। जब कोई दवा काम नहीं आते तब घरेलु नुक्से काम आते है। ऐसे में जावित्री अनिद्रा की समस्या को दूर करती है। क्योंकि इसमें कुछ ऐसे यौगिक है जो नींद को बढ़ाते है।
  • वजन कम करने में – बढ़ते वजन की समस्या से कई लोग जूझ रहे है जिसे ठीक करने के लिए बहुत से घरेलु उपचार अपनाते है। लेकिन कोई सटीक कार्य नहीं हो पाता है इसलिए आपको जावित्री का उपयोग करना चाहिए। जावित्री को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए और नियमित रूप से योगा व्यायाम करना चाहिए तभी वजन कम होगा। शरीर से चर्बी कम करने के लिए यह सब करना बेहद जरुरी होता है।
  • गठिया के लिए – कैल्शियम की कमी होने से हड्डिया कमजोर होने लगती है। हड्डिया कमजोर होने से हड्डी संबंधित समस्या गठिया, जोड़ो में दर्द, ओस्टोपोर्सेस आदि विकार होने की संभावना बढ़ जाती है। इन सब समस्या से बचने के लिए जावित्री का उपयोग करना चाहिए। इसमें भरपूर मात्रा में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होता है जो गठिया के दर्द व सूजन को कम करता है। कुछ शोधो में पाया गया है की गठिया के दर्द को दूर करने के लिए जावित्री अच्छी दवा का काम करता है।
  • भूख बढ़ाने के लिए – पाचन संबंधित समस्या को ठीक करने के लिए जावित्री लाभदायक होता है। जावित्री पेट से जुडी समस्या पेट दर्द, कब्ज, पाचन शक्ति को मजबूत करता है और भूख की कमी को दूर कर बढ़ाता है।
  • लिवर के लिए – बाहर के भोजन करने से पेट में दर्द व लिवर पर प्रभाव पड़ता है। बहुत से घर का खाना छोड़कर शौक के लिए बाहर का खाना खाते जो शरीर के लिए नुकसानदायक होता है। लिवर की समस्या को अक्सर तेल और मसाले बढ़ाते है। जिन्हे ठीक करने के लिए जावित्री का उपयोग करना चाहिए। क्योंकि इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण व एंटीऑक्सीडेंट गुण होता है। यह लिवर को डिटॉक्सस करती है। (और पढ़े – फैटी लिवर क्या है)
  • सर्दी जुखाम के लिए – सर्दियों के मौसम में बहुत से लोग बुखार और सर्दी-जुखाम से पीड़ित होते है ऐसी स्थिति में जावित्री का उपयोग करना चाहिए। इसमें मौजूद एंटी एलर्जी, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी इंफ्लेमेटरी सर्दी जुखाम को कम करता है। इसलिए सर्दी जुखाम होने पर जावित्री का उपयोग जरूर करे।
  • किडनी के लिए जावित्री के उपयोग – जावित्री किडनी संबंधित समस्याओं के लिए अच्छी जड़ी बूटी मानी जाती है। आजकल किडनी से जुडी समस्या के लिए जावित्री का उपयोग करना चाहिए। अपने भोजन में जावित्री का उपयोग जरूर करें।
  • दांतो के लिए – अगर दांतो की सही तरीके से देखभाल की जाए तो मसूड़ों से जुडी समस्या नहीं होती है। अगर दांतो की देखभाल न करे तो दांतो में अनेको तरह की समस्या होने लगती है इन समस्या को ठीक करने के लिए जावित्री का उपयोग किया जाना चाहिए। क्योंकि इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण मौजूद होता है जो दांतो का स्वास्थ्य ठीक करने में मदद करता है। इसके अलावा कैविटी की समस्या से भी निजात पा सकते है। यह एंटी कैंसर की तरह काम करता है और मुँह के कैंसर से बचाव भी करता है। (और पढ़े – दांतो में सड़न क्यों होती है)

जावित्री के नुकसान क्या है ? (What are the Side-Effects of Mace (Javitri) in Hindi)

जावित्री के फायदे तो बहुत है लेकिन कुछ नुकसान भी होते है।

  • स्तनपान करने वाले महिलाओं को जावित्री के सेवन से बचना चाहिए।
  • गर्भवती महिला को जावित्री का सेवन करने से बचना चाहिए। अगर आप सेवन करने के बारे में सोच रही है तो अपने चिकिस्तक से बात जरूर करे।
  • अगर आपको जावित्री के सेवन से एलर्जी होती है तो आपको इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • अगर जावित्री का उपयोग सही मात्रा में किया जाये तो स्वास्थ्य में किसी तरह की समस्या नहीं होती है। अगर अत्यधिक मात्रा में इसका उपयोग करे तो शरीर के लिए नुकसानदायक होता है।

अगर आपको जावित्री का स्वान करने से स्वास्थ्य में किसी प्रकार की अनियमियता हो रही है तो इसका उपयोग करना कम कर दे और अपने नजदीकी जनरल फिजिशियन (General Physician) से संपर्क करे।

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है। 


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