नटराज आसन के फायदे । Natarajasana  (Dancer Pose) in Hindi

अप्रैल 28, 2021 Lifestyle Diseases 569 Views

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नटराज आसन का मतलब हिंदी में,  (Natarajasana (Dancer Pose) Meaning in Hindi)

नटराज आसन के फायदे

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योगा फायदेमंद होता है और योगा के कई तरह की मुद्राएं है जिनमे एक नटराज आसन है। यह भगवन नटराज की मुद्राएं है जिनका अभ्यास करने के बाद आसन को करना चाहिए। शरीर को संतुलित बनाने के लिए यह योग मददगार साबित होता है। इसके अलावा मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। बहुत से लोगो पता नहीं होगा नटराज आसन करने का सही तरीका क्या है। चलिए आज के लेख में आपको नटराज आसन के फायदे व करने के सही तरीका व नुकसान के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। 

  • नटराज आसन क्या हैं ? (What is Natarajasana  (Dancer Pose) in Hindi)
  • नटराज आसन करने के तरीके ? (How to do Natarajasana  (Dancer Pose) in Hindi)
  • नटराज आसन के फायदे ? (What are the Benefits of Natarajasana  (Dancer Pose) in Hindi)
  • नटराज आसन किसे नहीं करना चाहिए ? (Who Should Not Do Natarajasana  (Dancer Pose)  in Hindi)

नटराज आसन क्या हैं ? (What is Natarajasana  (Dancer Pose) in Hindi)

नटराज आसन को संस्कृत शब्द से बनाया गया है। नट का अर्थ नाचना, राज का अर्थ राजा व आसन का अर्थ मुद्रा होता है। नटराज मुद्रा भगवान के नृत्य मुद्रा है। यह आसन करने से पाचन क्रिया मजबूत होती है और स्पाइन को मजबूत करता है। इसके अलावा पैरो को लचीला बनाता है। मन को शांति मिलती है और आसन करने से स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। 

नटराज आसन करने के तरीके ? (How to do Natarajasana  (Dancer Pose) in Hindi)

नटराज आसन करने के लिए किसी शांत जगह पर योगा मैट बिछा ले। 

  • सबसे पहले सीधा खड़े हो जाएं, पंजो को एक साथ रखें और आखों की सीध में किसी बिंदु पर केंद्रित करे। अब दाये घुटनो को मोड़े और शरीर के पीछे दाहिने हाथ को टखने को पकड़ ले। 
  • दोनों घुटने को एक साथ संतुलन बनाएं रखें। अब धीरे -धीरे दाहिने पैर को उठाते हुए पीछे की ओर ताने जीतना हो सके। हालांकि यह जांच ले दाया कुल्हा मुड़े नहीं व शरीर के पीछे की ओर उठे। 
  • बाएं हाथ की तर्जनी के आगे वाले भाग व अंगूठे को ज्ञान मुद्रा में लाकर बाएं हाथ को शरीर के सामने ऊपर की ओर उठाए। नजर बाएं ओर केंद्रित करें। 
  • जितना शरीर में हो उतना अवस्था बनाए। 
  • बाए हाथ को एक साथ रखे व दाहिने टखने को छोड़ दे व पंजे को जमींन पर ले आए। 
  • दाये हाथ को निचे बाजु में ले आए। अब आराम करे और पुनः इस बाएं ओर से आसन को दोहराएं। (और पढ़े – सुबह व्यायाम करने के फायदे)

नटराज आसन के फायदे ? (What are the Benefits of Natarajasana  (Dancer Pose) in Hindi)

नटराज आसन के निम्नलिखित फायदे है। चलिए आगे विस्तार से बताते हैं। 

  • यादाश्त बढ़ाने में मदद करें – योगा आसन मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने के साथ याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है। बहुत लोगो में दिमाग में कमजोरी होती है ऐसे में दिमाग को मजबूत करने के लिए योगा करना चाहिए।  (और पढ़े – डिमेंशिया रोग क्या हैं)
  • घुटने को आराम दे – नटराज आसन करने से शरीर में लचीलापन बना रहता है और घुटनो में मजबूती आती है और घुटनो को राहत मिलता है। यदि आपका घुटना कमजोर है तो यह आसन अपने योगा में शामिल करें।  (और पढ़े – पैर दर्द के घरेलु उपचार)
  • संतुलन बनाए रखें – शरीर को बीमारियों से बचने के लिए योग करना उचित होता है। इसके अलावा शरीर को संतुलित बनाने के लिए नटराज आसन करना चाहिए। 
  • तनाव कम करने में फायदेमंद – तनाव की समस्या दूर करने के लिए नटराज आसन बहुत फायदेमंद होता है। यह तनाव के साथ दिमाग शांत करने में प्रभावी होता है। हालांकि आसन को करने से पहले अभ्यास की जरूरत होती है। तनाव कम होने से व्यक्ति अपना कार्य बड़ी सरलता से करता है।  (और पढ़े – डिप्रेशन के घरेलू उपचार)
  • मोटापा कम करने में मोटापा शरीर के लिए नुकसान दायक होता है क्योंकि यह बीमारियों का जोखिम बढ़ाता है। ऐसे में मोटापा कम करने के लिए व्यायाम के साथ योगा करना आवश्यक होता है। अपने योगा में नटराज आसन जरूर शामिल करें। (और पढ़े – मोटापा कम कैसे करें)
  • वजन कम करने में –  नटराज आसन भगवन शिव नटराज मुद्राएं है जिसका उपयोग करने से शरीर का वजन कम किया जा सकता है। यह आसन शरीर को लचीला बनाता है और शरीर के अतिरिक्त वसा को कम करता है। जिनका वजन अधिक है उनको नटराज आसन करना चाहिए। (और पढ़े – फ्लैक्स सीड्स के फायदे वजन कम करने में)

नटराज आसन किसे नहीं करना चाहिए ? (Who Should Not Do Natarajasana  (Dancer Pose)  in Hindi)

नटराज आसन निम्न स्तिथि में नहीं करना चाहिए। 

  • यदि व्यक्ति को पोज़ में हिप रिप्लेसमेंट या कूल्हे में दर्द है तो इस आसन को नहीं करना चाहिए। 
  • यदि किसी व्यक्ति को कूल्हे में दर्द है या कूल्हे का प्रतिस्थापन किया हो, तो इस आसन को करने से बचना चाहिए। 
  • कमर में चोट जैसी समस्या होने पर नटराज आसन नहीं करना चाहिए। 
  • किसी व्यक्ति को पीठ दर्द या चोट लगा हो,तो इस आसन को करने से बचें। 
  • सर्वाइज, अर्थराइटिस, डिस्क उभड़ा हुआ हो इस आसन को नहीं करना चाहिए। 
  • हर्निया होने पर नटराज आसन नहीं करना चाहिए। 
  • यदि आपको कंधे में चोट या दर्द है तो नटराज आसन करने से बचना चाहिए।
  • यदि आपके पास खराब संतुलन है तो गिरने से रोकने के लिए सतर्क रहें। स्थिरता के लिए एक कुर्सी या दीवार का उपयोग करके भिन्नता पर विचार करें।

हमें आशा है की आपके प्रश्न नटराज आसन करने के फायदे ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको नटराज आसन करने से स्वास्थ्य में किसी तरह की समस्या हो रही है तो सामान्य चिकिस्तक (General Physician) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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