पिनवॉर्म दूर करने के घरेलू उपाय । Pinworms Home Remedies in Hindi

फ़रवरी 15, 2021 Lifestyle Diseases 1769 Views

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पिनवॉर्म का मतलब हिंदी में,  (Pinworms Meaning in Hindi)

पिनवॉर्म एक सफेद, परजीवी कीड़े हैं जो मनुष्यों की बड़ी आंत में रह सकते हैं। ये लगभग डेढ़ इंच लंबे होते हैं और संक्रमित व्यक्ति के आंत में रहकर संक्रमण फैलाते है। यह ऐसे परजीवी है जो पोषण के आधार पर शरीर में जीवित रह सकता है। पिनवार्म की समस्या किसी भी उम्र के लोग हो सकते है, लेकिन छोटे बच्चों में अधिक मामले देखने को मिलते है। आपको बता दे, मादा पिनवॉर्म आंतों के मार्ग को छोड़ देती है और गुदा के आसपास की त्वचा पर अपने अंडे देती है। अंडे एक चिपचिपे, जेली जैसे पदार्थ में रखे जाते हैं, जो मादा पिनवार्म के छींटे के साथ, गंभीर खुजली का कारण बनता है। इसके अलावा पिनवॉर्म संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति से बिस्तर व कपड़ो पर फ़ैल सकता है। यह संक्रमण व्यक्ति के शरीर में कुछ लक्षण पैदा कर सकता है जैसे बेचैनी, भूख की कमी, घबराहट, सोने में समस्या होना, चिड़चिड़ापन व मलद्वार के पास खुजली होना और महिलाओं की योनि के आस पास खुजली, जलन हो सकता है। ऐसे में चिकिस्तक से निदान व उपचार करवाने की जरूरत होती है। यदि शुरुवाती संक्रमण है तो कुछ घरेलु उपचार की मदद से ठीक किया जा सकता है। चलिए आज के लेख में आपको पिनवॉर्म दूर करने के घरेलू उपाय के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। 

  • पिनवॉर्म के घरेलु उपचार क्या हैं ? (Home Remedies for Pinworms in Hindi)
  • पिनवॉर्म से बचने के अन्य उपाय ? (Prevention tips for Pinworms in Hindi)

पिनवॉर्म के घरेलु उपचार क्या हैं ? (Home Remedies for Pinworms in Hindi)

पिनवॉर्म संक्रमण को दूर करने के निम्नलिखित घरेल उपचार है। चलिए आगे विस्तार से बताते हैं। 

  • करेला का जूस – करेले में अच्छी मात्रा में एंटीपैरासाइट और एंथेल्मिंटिक गुण मौजूद होता है। ये पिनवॉर्म संक्रमण को ख़त्म करने में फायदेमंद होता है। कुछ अध्ययन के अनुसार करेला के जूस का उपयोग करने के लिए एक कप पानी और एक चम्मच शहद व एक ताजे करेले की जरूरत होती है। एक कप पानी में करेले के टुकड़े को काट ले और जूस बनाकर सेवन करना चाहिए। करेला के अन्य स्वास्थ्य के लाभ भी होते है। (और पढ़े – करेले के फायदे डायबिटीज के लिए)
  • लेमन जूस के फायदे जैसा की आपको पता है लेमन में बहुत से औषधीय गुण का समावेश होता है जो स्वास्थ्य की कई बीमारियों को ठीक करने में मदद करता है। इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण जो जीवाणु व बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है। पिनवार्म संक्रमण से राहत दिलाने में लेमन जूस फायदेमंद होता है। लेमन जूस का उपयोग करने के लिए एक ग्लास पानी में नींबू के रस निकाल ले और दिन में दो बार पीये साथ ही स्वाद के लिए शहद मिला सकते हैं।  (और पढ़े – नींबू के फायदे क्या हैं)
  • लहसुन के फायदे लहसुन की कालिया परजीवी व संक्रमण से लड़ने में उपयोगी होता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण व एंटीमाइक्रोबियल गुण का समावेश होता है। हालांकि इसपर  शोध किये जा रहे है की लहसुन किन संक्रमण के लिए प्रभावी हो सकता है। पिनवार्म संक्रमण के लिए लहसुन की दो कालिया ले और सुबह चबाना चाहिए। महिलाओं से जुडी समस्या को दूर करने में लहसुन बहुत फायदेमंद होते है। (और पढ़े – लहसुन के फायदे महिलाओं के लिए)
  • गर्म पानी का उपयोग पिनवार्म संक्रमण से बचाव करने के लिए साफ सफाई बहुत जरुरी होती है। इसलिए गर्म पानी से नहाना चाहिए और संक्रमित बिस्तर व कपड़ो को गर्म पानी से धो लेना चाहिए। गर्म पानी पिनवार्म संक्रमण के अंडे को पनपने नहीं देता है और संक्रमण फैलने का खतरा कम करता है। गर्म पानी का उपयोग व्यक्ति अपने घर के परिसर व बार्थरूम की सफाई के लिए भी कर सकता है। हालांकि गर्म पानी के साथ थोड़ा सर्फ़ मिलाकर घर की सफाई करें। (और पढ़े – सर्दियों में क्या खाना चाहिए)
  • सेब का सिरका सेब का सिरका आज से नहीं बल्कि पुराने समय से पीनवॉर्म को रोकने के लिए उपयोग किया जाता है। यह संक्रमण रात को आंत के मार्ग में अंडे का उत्पादन करता है और समस्या को बढ़ाता है। सेब के सिरके में अच्छी मात्रा में एंटीमाइक्रोबियल गुण मौजूद रहता है जो पीनवॉर्म संक्रमण को रोकता है। सेब के सिरके का उपयोग करने के लिए एक ग्लास पानी में दो छोटे चम्मच सेब के सिरके को मिला ले और स्वाद के लिए एक चम्मच शहद मिलाकर पानी पी सकते है। इस प्रक्रिया को तब तक करे जबतक आपको आराम नहीं मील जाता है। (और पढ़े – पेट में कीड़े पड़ने का कारण)

पिनवॉर्म से बचने के अन्य उपाय ? (Prevention tips for Pinworms in Hindi)

पिनवॉर्म से बचने का मुख्य उपाय अपने शरीर की और आस पास की जगह की अच्छे से साफ- सफाई करना चाहिए। चलिए आगे अन्य बचाव के उपाय बताते हैं। 

  • पिनवार्म मादा रात को अंडे देती है ऐसे में व्यक्ति को सुबह मलद्वार के आसपास के जगह को अच्छी तरह साफ रखना चाहिए। 
  • व्यक्ति को अपने अंडरवियर और बिस्तर के कपडे को रोजाना बदलना चाहिए। 
  • अपने कपड़ो और तौलिया को गर्म पानी में धोकर हमेशा उपयोग करना चाहिए। 
  • मलद्वार के पास की जगह पर खुजली नहीं करना चाहिए। 
  • कुछ भी खाने या पीने से पहले अपने हाथो की अच्छी सफाई करनी चाहिए। 
  • जैसा की आपको पता है हाथो के माध्यम से संक्रमण शरीर में प्रवेश करता है। खासतौर पर छोटे बच्चों के शरीर व हाथों की सफाई करवाना चाहिए। (और पढ़े – बच्चों में निमोनिया की समस्या)

हमें आशा है की आपके प्रश्न पिनवॉर्म दूर करने के घरेलू उपाय ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको पिनवॉर्म संक्रमण के बारे में अधिक जानकारी व उपचार करवाना है, तो (Infection Diseases Doctor) से संपर्क कर सकते है। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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