नींद में चलने के कारण, लक्षण, उपचार व बचाव। Sleep Walking Causes, Symptoms, Treatments and Prevention in Hindi

जनवरी 22, 2020 Lifestyle Diseases 10097 Views

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Sleep Walking Meaning in Hindi

नींद में चलने की समस्या को अंगेजी में स्लीप वाकिंग के नाम से जाना जाता है। इसमें व्यक्ति गहरी नींद में चलने लगता है और नींद समाप्त होने पर उसे कुछ याद नहीं रहता है। नींद में चलने की समस्या शुरुवाती नींद में नहीं होता है बल्की गहरी नींद के बाद होता है। नींद में चलने समस्या वयस्कों के बजाय बच्चो में अधिक दिखाई देती है। छोटे बच्चो में अक्सर नींद की कमी होती है जिसके कारण नींद में चलने लगते है। कुछ लोग नींद में चलने पर कुछ क्रिया भी करने लगते है जैसे बोलना बड़बड़ाना और खुली आंखो से चलना मानो की वह व्यक्ति जागा हुआ है। अगर ऐसे लोग आपके घर में है जो नींद चलने की बीमारी है तो रात के समय अपनी छत को बंद कर दे और कोई भी तेज धारी वाली चीजों को छिपा दे ताकि व्यक्ति किसी दुर्घटना का शिकार न हो पाए। ऐसी समस्या को चिकिस्तक अध्ययन करते है ताकि अच्छे से परीक्षण कर उपचार किया जा सके। कुछ मामलो में अपनी आदते को बदलकर नींद में चलने के जोखिम को कम कर सकते है। जैसे: शराब छोड़ना, चाय-कॉफी, धूम्रपान न करना आदि शामिल है। आप लोग सोच रहे होंगे आखिर नींद में चलने की समस्या का उपचार क्या है, तो चलिए इस लेख में हम आपको नींद में चलने की समस्या के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे।

  • नींद में चलने के प्रकार ? (Types of Sleep Walking in Hindi)
  • नींद में चलने के कारण क्या है ? (What are the Causes of Sleep Walking in Hindi)
  • नींद में चलने के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Sleep Walking in Hindi)
  • नींद में चलने का इलाज क्या है ? (What are the Treatments for Sleep Walking in Hindi)
  • नींद में चलने से बचाव कैसे करें ? (Prevention of Sleep Walking in Hindi)

नींद में चलने के प्रकार ? (Types of Sleep Walking in Hindi)

नींद में चलने के मुख्य रूप से दो प्रकार है।

  • गहरी नींद में चलना – यह प्रकार सबसे आम होता है, इसमें व्यक्ति सोने के कुछ घंटो के बाद गहरी नींद में चलने लगता है। कुछ मामलो में सुबह होने के कुछ घंटे पहले नींद में चलने लगते है जिसके बारे में व्यक्ति को कुछ याद नहीं रहता है।
  • हल्के नींद में चलना – इस प्रकार के मामले बहुत कम देखने को मिलते है। इसमें व्यक्ति हल्की नींद में होता है और पूरी तरह से सोया नहीं रहता है।

नींद में चलने के कारण क्या है ? (What are the Causes of Sleep Walking in Hindi)

नींद में चलने के निम्नलिखित कारण हो सकते है। कुछ मामले अंदुरनी समस्या के कारण भी हो सकता है।

  • बुखार होना।
  • तनाव में रहना।
  • स्ट्रोक होना।
  • नार्कोलेप्सी।
  • थायरॉइड।
  • सिर में चोट लग जाना।
  • टांग हिलाते रहना।
  • नींद संबंधित समस्या का विकार होना। (और पढ़े – नींद न आने की समस्या)

नींद में चलने के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Sleep Walking in Hindi)

  • नींद में चलने की समस्या के लक्षण अक्सर सोने के कुछ घंटो बाद दिखाई देते है। यह समस्या दिन में नजर नहीं आता है केवल रात में होता है। कुछ लोगो में यह समस्या कुछ दिन के लिए होती है और कुछ लोगो में कुछ हफ्तों या रोजाना हो सकता है।
  • नींद में चलने के बाद व्यक्ति बहुत अलग तरह का व्यवहार करने लगता है। जैसे: नींद में चलना, इधर-उधर चलना, सोते समय डर जाना, बिस्तर पर उठकर बैठना आदि।
  • चिकिस्तक को कब बताये –
  • अगर आपका बच्चा कई दिनों से सो नहीं पा रहा है तो चिकिस्तक से बात करे।
  • अगर बच्चा नींद में चलता है। इसके अलावा बच्चा अपना काम ठीक से नहीं कर पा रहा है।

नींद में चलने का इलाज क्या है ? (What are the Treatments for Sleep Walking in Hindi)

नींद में चलने की विशेष उपचार नहीं है, हलाकि इस पर शोध जारी है। अधिकतर मामलों में व्यक्ति के आदतों में सुधार कर ठीक किया जाता है। इससे व्यक्ति के कुछ कुछ लक्षणो को कम किया जा सके। नींद में चलने वाले लोगो को चोट लगने से बचाव करना चाहिए।

  • जैसा की आपको पहले भी बताया है की नींद में चलने की समस्या बड़ो के बजाय बच्चो में अधिक होता है। यह उम्र के साथ बढ़ता जाता है और बाद में जटिलता उत्पन्न कर सकता है। ऐसे मामले में चिकिस्तक से बात करनी चाहिए।
  • अगर नींद के अलावा स्वास्थ्य से जुडी अन्य समस्या है तो इसका भी उपचार करवाए।
  • अगर नींद में चलने की समस्या व्यक्ति को दुर्घटना की तरफ ले जा रहा है तो चिकिस्तक कुछ दवाओं का सेवन करने की सलाह दे सकता है। ताकि आप चोट लगने के खतरे से बचे रहे। कुछ दवाएं नींद लेने के लिए देते है जिससे व्यक्ति आराम से सो सके।
  • अपने आसपास की जगह को साफ़ रखना चाहिए। इसके अलावा बिस्तर पर किसी तरह की धातु न रखे जैसे चाकू व अन्य नोकीली चीजे। घर की खिड़किया और दरवाजे को बंद रखे।
  • अगर आपका बच्चा सो नहीं पा रहा है तो उसे अकेला न छोड़े बल्कि साथ में सोना चाहिए। इसके अलावा रात में सभी सतर्क रहे ताकि कोई घटना न होने पाए।

नींद में चलने से बचाव कैसे करें ? (Prevention of Sleep Walking in Hindi)

नींद में चलने से बचाव करने के लिए कुछ निम्न उपाय अपना सकते है।

  • नींद में चलने की समस्या को रोकने के लिए सबसे पहले अपने सोने के समय एक ही रखे। नींद पर्याप्त मात्रा में ले।
  • अगर नींद में कोई समस्या है तो शराब का सेवन न करें।
  • तनाव, चिंता को कम करने की कोशिश करना चाहिए ताकि अच्छी नींद ले सके। (और पढ़े – लाल मिर्च के फायदे तनाव दूर करने में)
  • सुबह जल्दी उठने की कोशिश करे और रात को जल्दी सोने की आदत डाले। रोजाना आधे घंटे का व्यायाम करना चाहिए।
  • कैफीन युक्त पदार्थ का अधिक सेवन करने से बचे ताकि नींद आने में रुकावट न हो।
  • अगर आप सोने जा रहे है तो कमरे में प्रकाश न रखे क्योंकि अधिक प्रकाश रखने पर नींद में बांधा पड़ सकती है।
  • शाम को अधिक तरल पदार्थ न पिए क्योंकि पेशाब न जाने पर नींद न लगने की समस्या होती है इसलिए सोने से पहले पेशाब करने जरूर जाए।

अगर आपको नींद में चलने की समस्या है, तो किसी अच्छे Psychiatrist से संपर्क करें।

हमारा उद्देश्य आपको रोगो के प्रति जानकारी देना है हम आपको किसी तरह के दवा, उपचार, सर्जरी की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक दे सकता है क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा नहीं होता है। 


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