मीठे खाने के फायदे और नुकसान। Benefits and Side-Effects of Eating Sweet in Hindi

Login to Health फ़रवरी 11, 2020 Lifestyle Diseases 7101 Views

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Sweet Meaning in Hindi

मीठा खाना हर किसी को बहुत पसंद होता है। मीठा व्यंजन खाने पर मन जल्दी भरता नहीं है बल्कि और खाने की इच्छा बढ़ती है। हालांकि सभी के लिए मीठा फायदेमंद नहीं होता है। जैसे जिन लोगो को मधुमेह है उनको मीठा खाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा मीठा खाने का प्रभाव लोगो पर भिन्न भिन्न हो सकता है। जो लोग व्यायाम नहीं कर पाते है और वजन कम भी करना चाहते है तो उनको मीठा कम खाना चाहिए। अत्यधिक मीठा खाने से रोग होने का जोखिम बना रहता है। मीठा खाने को लेकर बहुत से लोगो में कई तरह के सवाल होंगे। मीठा के फायदे क्या है और नुकसान क्या है। चलिए आपके इन्ही सवालों का जवाब देने के लिए इस लेख में आपको मीठा खाने के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

  • एक दिन में कितनी मात्रा में मीठा खाना सही है ? (Ek Din me Kitni Matra me Meetha Khana Sahi Hai in Hindi)
  • मीठा खाने के फायदे क्या है ? (Meetha Khane ke Fayde in Hindi)
  • मीठा खाने के नुकसान क्या है ? (Meetha Khane ke Nuksan in Hindi)

एक दिन में कितनी मात्रा में मीठा खाना सही है ? (Ek Din me Kitni Matra me Meetha Khana Sahi Hai in Hindi)

एक दिन में कितना मीठा खाना चाहिए यह बता पाना बहुत सरल नहीं है, किंतु मीठा खाने की बात करे तो कुछ लोगो में मीठा अधिक खाने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इसके अलावा कुछ लोगो को मीठा खाने से स्वास्थ्य खराब हो जाता है। कुछ लोगो को चिकिस्तक मीठा खाने की सलाह देते है। हालांकि ह्रदय चिकिस्तक के अनुसार महिला को एक दिन कम से कम 100 कैलोरी और पुरुष को 150 कैलोरी मीठा खाना चाहिए। इससे अधिक लेने पर शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। (और पढ़े – डायबिटीज में क्या खाना चाहिए)

मीठा खाने के फायदे क्या है ? (Meetha Khane ke Fayde in Hindi)

मीठा खाने के निम्नलिखित फायदे है।

  • मीठा हाईबीपी में फायदेमंद – उच्च रक्च चाप में अक्सर लोग डार्क चॉक्लेट का सेवन करना पसंद करते है। डार्क चॉक्लेट बीपी को कुछ हद तक कम करने में मदद करता है। कुछ वैज्ञानिको के अनुसार डार्क चॉकलेट या कोकोआ पाउडर रोजाना 200 ग्राम लेना चाहिए।
  • स्ट्रोक का जोखिम – डार्क चॉकलेट जैसे मीठे चीजे खाने से लाभ होता है। कुछ अध्ययन में पाया गया है रोजाना 8 से 10 ग्राम डार्क चॉकलेट खाने से स्ट्रोक की समस्या कुछ प्रतिशत कम होता है।
  • मीठा एक्टिव करे – जैसा की आपको पता है मीठा शरीर में एनर्जी की मात्रा को बढ़ाने में मदद करती है। लेकिन कुछ लोगो का मानना है की मीठा खाने से भोजन करने पर स्वास्थ्य खराब हो सकता है। इसके अलावा कुछ लोग कहते है की मीठा खाने से शरीर एक्टिव रहता है और भोजन की आदतों में कभी सुधार होता है।

मीठा खाने के नुकसान क्या है ? (Meetha Khane ke Nuksan in Hindi)

मीठा खाने के कुछ फायदे है, लेकिन कुछ नुकसान भी होते है।

  • मीठा का अत्यधिक सेवन करने से हडियो पर बुरा परिणाम पड़ता है। कुछ शोध के अनुसरा लोग अपने डाइट में अधिक मीठी चीजे शामिल कर लेते है, जिसके कारण हड्डिया कमजोर होने लगती है। इस वजह थोड़ी सी भी चोट लगने पर हड्डिया फ्रैक्चर हो सकती है। इसके अलावा आप काम करने में अधिक थक जाते है। (और पढ़े – हड्डियों में फ्रैक्चर)
  • सोडा या बेक की हुई मीठी चीज़े अधिक खाने से इम्युनिटी पर बुरा प्रभाव पड़ता है। यह शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को कमजोर बनाता है और साथ ही बीमारियों का जोखिम बढ़ाता है। कुछ शोध में बतलाया गया है की मीठी चीज़े सफ़ेद कोशिकाओं पर दबाव डालती है। जो की बैक्टीरिया को नष्ट करने में मदद करता है।
  • अत्यधिक मीठा खाने से दांतो में दर्द की समस्या होने लगती है। मीठा मसूड़ों में सड़न उत्पन करता है जो धीरे-धीरे पायरिया व अन्य जोखिम को बढ़ावा देता है। (और पढ़े – दांत में सड़न क्यों होती है)
  • मीठे खाने से डायबिटीज का खतरा बढ़ता है ,इसका मुख्य कारण मीठे चीज़े रक्त शर्करा को बढ़ावा देते है और शुगर का स्तर बढ़ता है ,व्यक्ति को अनेको लक्षण शुरू होने लगता है। मीठा इन्सुलिन बनने नहीं देता है। इस वजह से भूख लगती है और भूख की कमी दूर नहीं होती है।
  • मीठा थोड़ा खाना नुकसानदायक नहीं होता है बल्कि अत्यधिक मीठा खाना शरीर के लिए नुकसान होता है और साथ ही मोटापा को बढ़ावा देता है। मीठे में अत्यधिक मात्रा में कैलोरी होती है। जो ऊर्जा तो देती है लेकिन मोटापा बढ़ता रहता है। अधिक मोटापा बीमारी का कारण बनता है। मोटापा अधिक होने पर बीपी शुगर, हडियो में कमजोरी जैसी समस्या होती है। आपको सही मात्रा में मीठे का सेवन कर सकते है।
  • जैसा की आपको पता है हमारे शरीर में दो तरह के कोलेस्ट्रॉल होते है जिनमे एक अच्छा और एक बुरा होता है। खराब कोलेस्ट्रॉल को डेन्टिसिटी लिपोप्रोटीन एलडीएल कहा जाता है। आपकी जीवनशैली यानि व्यायाम करने पर कोलेस्ट्रॉल निर्भर होता है। यह व्यक्ति के शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है। इसके अलावा कुछ अन्य अध्ययन में बतलाया गया है मीठी चीज़े बहुत जल्दी खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। इस वजह से ह्रदय का जोखिम बनता है। अच्छा कोलेस्ट्रॉल शरीर को स्वस्थ रखता है वही बुरा कोलेस्ट्रॉल स्वास्थ्य को हानि पहुंचाता है। हाई डेंटिसिटी लिपोप्रोटीन का स्तर कम होने वाले वाहिकाओं में जमा होने लगता है और रक्त संचार में परेशानी पैदा करता है। यह धमनी की बीमारी को बढ़ावा देता है। (और पढ़े – कोलेस्ट्रॉल क्या है)

अगर मीठा व्यंजन खाने से स्वास्थ्य में किसी तरह की समस्या हो रही है, तो इसका सेवन करना बंद कर दे, अपने नजदीकी जनरल फिजिशियन (General Physician) से संपर्क करें।

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।