आंतो में सूजन क्या हैं । Ulcerative Colitis in Hindi

Login to Health मई 3, 2021 Lifestyle Diseases 15 Views

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आंतो में सूजन का मतलब हिंदी में,   (Ulcerative Colitis Meaning in Hindi)

आंतो में सूजन क्या हैं ?

आंतो में सूजन को अंग्रेजी में अल्सरेटिव कोलाइटिस कहा जाता है। यह आंत में होने वाली सूजन है जो पाचन तंत्र में लंबे समय से अल्सर का कारण बन सकता है। आंत का सूजन बड़ी आंत मलाशय के भीतरी भाग को प्रभावित करता है। आंत में सूजन के लक्षण जल्दी के बजाय धीरे -धीरे विकसित होते है। कुछ मामलो में आंत में सूजन गंभीर समस्या उत्पन्न करता है। आंत में सूजन का सटीक इलाज अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन चिकिस्तक लक्षणो को कम करने के लिए दवाएं की खुराक देते है और गंभीर मामलो में सर्जरी की सिफारिश कर सकते है। चलिए आज के लेख में आपको आंतो में सूजन क्या हैं? के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। 

  • आंतो में सूजन के कारण ? (Causes of Ulcerative Colitis in Hindi)
  • आंतो में सूजन के लक्षण ? (Symptoms of Ulcerative Colitis in Hindi)
  • आंतो में सूजन के निदान ? (Diagnosis of Ulcerative Colitis in Hindi)
  • आंतो में सूजन का इलाज ? (Treatments for Ulcerative Colitis in Hindi)
  • आंतो में सूजन से बचाव ? (Prevention of Ulcerative Colitis in Hindi)

आंतो में सूजन के कारण ? (Causes of Ulcerative Colitis in Hindi)

आंतों में सूजन का सटीक कारण अभी तक ज्ञात नहीं हुआ है। हालांकि अवसाद व आहार कारण माना जा सकता है लेकिन चिकिस्तक के मुताबिक आंत में सूजन का कोई स्पष्ट कारण ही नहीं है। कुछ जोखिम कारक जिम्मेदार हो सकते है। 

  • यदि व्यक्ति की रोगप्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो जीवाणु जल्दी आक्रमण करता है और व्यक्ति बीमार पड़ने लगता है। इसके अलावा आंत को नुकसान पहुंचता है। 
  • कुछ मामलो में आंत की सूजन की समस्या अनुवांशिक होती है। यदि परिवार का कोई एक सदस्य आंत में सूजन की समस्या से पीड़ित है तो अन्य सदस्य भी आंत की समस्या से पीड़ित हो सकता है। 
  • आंत में सूजन की समस्या महिला और पुरुष दोनों को सामान्य रूप से प्रभावित करता है। 
  • आमतौर पर 30 की उम्र के पहले शुरू हो सकता है, लेकिन किसी भी उम्र के लोग को आंत में सूजन की समस्या होती है। 
  • यदि आपके माता -पिता को आंत में सूजन की समस्या हुई तो आपको भी जोखिम हो सकता है। 
  • कुछ अध्ययन के अनुसार मुंहासे की इलाज में उपयोग करने वाली दवा से आईबीडी डिजीज का जोखिम हो सकता है। हालांकि कोई स्पष्टीकरण नहीं है। (और पढ़े – आंत में सूजन के घरेलू उपचार)

आंतो में सूजन के लक्षण ? (Symptoms of Ulcerative Colitis in Hindi)

आंत में सूजन के लक्षण निम्नलिखित हो सकते है। चलिए आगे बताते हैं। 

  • गुदा में दर्द होना। 
  • बुखार आना। 
  • पेट में दर्द होना। 
  • पेट में ऐंठन होना। 
  • बार -बार मल त्यागने की इच्छा होना। 
  • थकान महसूस होना। 
  • बच्चों में शारीरिक वृद्धि न होना। 
  • वजन घटाना। 
  • दस्त होना। 
  • रक्त में मवाद आना। (और पढ़े – बवासीर क्या हैं)

अगर आपको किसी तरह का लक्षण महसूस हो रहा है, तो चिकिस्तक से संपर्क कर सकते है। 

आंतो में सूजन के निदान ? (Diagnoses of Ulcerative Colitis in Hindi)

आंतो में सूजन का निदान करने के लिए चिकिस्तक सबसे पहले सामान्य परीक्षण करते है जिसमे आपके लक्षण व पिछली बीमारी के इतिहास के बारे पूछते है। हालांकि लक्षण के अनुसार चिकिस्तक अन्य परीक्षण कर सकते हैं। 

  • ब्लड टेस्ट – संक्रमण व एनीमिया का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट किया जाता हैं। 
  • मल टेस्ट – आपके मल में सफेद रक्त कोशिकाओं या कुछ प्रोटीन अल्सरेटिव कोलाइटिस का संकेत कर सकते हैं। स्टूल का नमूना बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी के कारण होने वाले संक्रमण जैसे अन्य विकारों का निदान करने मे मदद करता है। 
  • कोलोनोस्कोपी इस प्रक्रिया में चिकिस्तक एक छोटा कैमरा से जुडी पतली व लचीली व रौशनी ट्यूब का उपयोग कर पूरी शरीर के आंत को देखते है। इसके अलावा परीक्षण के दौरान ऊतक से छोटा नमूना जांच के लिए ले सकते है। 
  • फ्लैक्सिबल सिग्मोईडोस्कोपी – इस जांच प्रक्रिया में चिकिस्तक बड़ी आंत या मलाशय की जांच करता है। इसके लिए एक पतली लचीली रौशनी का उपयोग करते है। आंत में गंभीर रूप से सूजन है तो चिकिस्तक पूरा कोलोंस्कोपी की जगह यह परीक्षण करते है। 
  • सिटी स्कैन – यदि चिकिस्तक आंत में किसी तरह की जटिलता का संकेत लगता है मरीज के पेट का सिटी स्कैन कर सकता है। हालांकि सिटी स्कैन सूजन को अच्छी तरह दर्शाता है। 
  • एक्स -रे – मरीज के लक्षण गंभीर है तो चिकिस्तक निदान करने के लिए पेट का एक्स रे निकाल सकता है, ताकि बड़ी आंत के हिस्से को देख सके कितना प्रभावित है या नहीं। (और पढ़े – फुल बॉडी चेक अप क्या हैं)

आंतो में सूजन का इलाज ? (Treatments for Ulcerative Colitis in Hindi)

अल्सरेटिव कोलाइटिस का उपचार आमतोर दवा या सर्जरी के माध्यम से किया जाता है। चिकिस्तक के उपचार का उद्देश्य सूजन को कम करना ताकि होने वाले लक्षण को कम किया जा सकें। 

  • अल्सरेटिव कोलाइटिस का सूजन कम करने के लिए चिकिस्तक कुछ दवाओं की खुराक देता है। इन दवाओं में मेंसालामाईन, सल्फासालजिन, बाल्सालाजीड शामिल है। यह दवाएं सूजन को कम कर लक्षण को नियंत्रित करता है। अत्यधिक गंभीर लक्षण को कम करने चिकिस्तक एंटीबायोटिक दवाएं का उपयोग करते है। 
  • यदि अत्यधिक रक्तस्राव या कमजोर करने वाले लक्षण नजर आते है। इसके अलावा बड़ी आंत के हिस्से में छेद या गंभीर ब्लॉकेज होते है तो चिकिस्तक सर्जरी करने की सिफारिश करते है। परीक्षण के लिए कोलोनोस्कोपी व सिटी स्कैन का उपयोग करते है। 
  • मरीज के लक्षण अत्यधिक गंभीर होने पर निर्जलीकरण होने लगता है। इन गंभीर समस्या को देखते हुए अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। (और पढ़े – डिहाइड्रेशन के कारण क्या हैं)

आंतो में सूजन से बचाव ? (Prevention of Ulcerative Colitis in Hindi)

आंत में सूजन का कोई सटीक कारण का पता चल नहीं पाया है। हालांकि कुछ निम्न उपाय बचाव करने में फायदेमंद हो सकता है। 

  • फैट युक्त खाद्य पदार्थ कम खाना चाहिए। 
  • दिन भर में भोजन थोड़ा -थोड़ा कर खाएं। 
  • पुरे दिन में थोड़ा -थोड़ा कर पानी पीना चाहिए। 
  • फाइबर युक्त आहार सीमित मात्रा में करना चाहिए। 
  • दूध अत्यधिक के बजाय थोड़ा पीना चाहिए। (और पढ़े – किडनी को साफ करने के घरेलु उपचार)

हमें आशा है की आपके प्रश्न आंतो में सूजन क्या हैं ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको आंतो में सूजन की समस्या है तो (Gastroenterologist) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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