शरीर में विटामिन डी की कमी होने के क्या कारण है। Vitamin D Meaning In Hindi

मई 6, 2019 Bone Health 11173 Views

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हमारे शरीर को चुस्त और दुरुस्त रखना बहुत जरुरी होता है। शरीर को चुस्त रखने के लिए विटामिन डी की आवश्यकता पड़ती है। विटामिन डी प्रचुर मात्रा में सूर्य की किरणों से प्राप्त होता है। सूर्य की किरणों में विटामिन डी दोपर के समय 11 से 1 बजे के मध्य अधिक मात्रा में होता है। यह विटामिन डी शरीर में लेने से विकार सबंधित बहुत सी समस्या कम हो जाती है। शरीर को संतुलित बनाये रखने में विटामिन डी का महत्वपूर्ण योगदान है। आइए Vitamin D के बारे में विस्तारपूवर्क जानकारी लेते है।

 

  • विटामिन डी क्या है ? (What is Vitamin D in Hindi)
  • विटामिन डी कितने प्रकार के होते है ? (What are The Types of Vitamin D in Hindi)
  • विटामिन डी की कमी से कौन-सी बीमारिया होती है ? (What are The Diseases Caused By Vitamin D Deficiency in Hindi)
  • विटामिन डी की कमी होने का क्या कारण है ? (What are The Causes of Vitamin D Deficiency in Hindi)
  • विटामिन डी की कमी के लक्षण क्या है ? (What are The Symptoms of Vitamin D Deficiency in Hindi)
  • विटामिन डी की कमी का इलाज क्या है ? (What are The Treatments For  Vitamin D Deficiency in Hindi)
  • विटामिन डी को बढ़ाने के लिए क्या करते है ? ( How to Cure Vitamin D Deficiency in Hindi)

विटामिन डी क्या है ? (What is Vitamin D in Hindi)

विटामिन डी शरीर में पाया जाने वाला बहुत महत्वपूर्ण विटामिन है। विटामिन डी प्रो हार्मोन्स का एक समुह होता है। जो शरीर को आयरन, जिंक, मैग्नीशियम, कैल्शियम, फास्फेट अवशोषण करने में सहायता करता है। सूर्यकिरण लेने से शरीर में विटामिन डी का उत्पादन होता है। विटामिन डी प्राकृतिक रूप से खाने पीने की चीजों में भी पाया जाता है।

विटामिन डी कितने प्रकार के होते है ? (What are The Types of Vitamin D in Hindi)

विटामिन दो प्रकार के होते है।

  • विटामिन डी 2 जो पौधों से निर्मित होता है। उसे अंग्रजी में (ergocalciferol) कहते है।
  • विटामिन डी 3 (Cholecalciferol) जो सूर्य की रोशनी के संपर्क में आने से त्वचा पर निर्मित होता है।

विटामिन डी की कमी से कौन-सी बीमारिया होती है ? (What are The Diseases Caused By Vitamin D Deficiency in Hindi)

विटामिन डी का स्तर रक्त में कम होने से निम्लिखित बीमारिया होती है।

  • कैंसर।
  • अधिक उम्र के लोगो का दिमाग कमजोर होना।

(और पढ़े – माइग्रेन क्या है)

  • बच्चों में अस्थमा।
  • हृदय रोग (Cardiovascular Disease) मृत्यु की संभावना अधिक रहती है।
  • हड्डियों की बीमारी।
  • रिकट्स।
  • बांझपन।

विटामिन डी की कमी होने का क्या कारण है ?  (What are The Causes of Vitamin D Deficiency in Hindi)

  • विटामिन डी की कमी अधिक मोटापे के कारण हो सकता है। मोटापे से शरीर में रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है।

(और पढ़े – मोटापा क्या है और मोटापा होने के कारण क्या है)

  • जिन व्यक्तियों में बी,एम,आई 30 से अधिक होता है। मुख्य रूप से उन व्यक्तियों में विटामिन डी की बहुत कमी होती है।
  • सूर्य के संपर्क में नहीं आने के कारण शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है।
  • यदि किडनी विटामिन डी का एक्टिव फार्म Active Form रूपांतरण नहीं हो पाता है। इससे विटामिन डी में और कमी आ जाती है।
  • यदि व्यक्ति के पाचन तंत्र में विटामिन डी ठीक से अवशोषित नहीं हो पाता तो इसके कारण बहुत से बीमारिया होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • कुछ व्यक्तियों के शाकाहारी भोजन करने से अधिक मात्रा में विटामिन डी नहीं होता है। इसका यह कारण  विटामिन डी अधिक मात्रा में मांसाहारी भोजन में होता है।
  • विटामिन डी वाले समानो को नहीं खाने से शरीर में विटामिन डी की कमी देख सकते है।

विटामिन डी की कमी के लक्षण क्या है ? (What are The Symptoms of Vitamin D Deficiency in Hindi)

  • बार बार सांस लेने में समस्या होना।
  • बहुत बीमार होना।
  • तनाव होना।
  • मस्तिष्क से पसीना आना।
  • स्वास्थ सम्बंधित समस्याएं होना।
  • जरूरत से अधिक नींद आना।
  • हड्डियों में दर्द होना।
  • मांसपेशियों में कमजोरी होना।
  • बिना कोई कार्य किये थकावट महसूस करना।

(और पढ़े – थकावाट क्यों होती है)

विटामिन डी की कमी का इलाज क्या है ? (What are The Treatments For  Vitamin D Deficiency in Hindi)

  • विटामिन दी की कमी को दूर करने के लिए डॉक्टर अधिक विटामिन डी युक्त वाले पदार्थ खाने व विटामिन डी सप्लीमेंट लेने की सलाह देते है।
  • विटामिन डी कितनी मात्रा में लेना चाहिए। यह डॉक्टर व्यक्ति के लक्षणो के आधार पर निर्णय करते है।
  • जैसे की व्यक्ति की पाचन क्रिया कमजोर व अधिक थकावट महसूस करना,उम्र का बढ़ना आदि लक्षण है। तो आप डॉक्टर से सुझाव ले। विटामिन डी की दवाएं लेनी है या नहीं और बिना डॉक्टर की सलाह लिए विटामिन डी की दवाओं का सेवन ना करे।
  • यदि व्यक्ति को विटामिन दी की थोड़ी कमी होती है तो डॉक्टर कुछ सामान्य सलाह देते है।
  • नियमित रूप से व्यायाम योगा करना।
  • सूर्य किरण में अधिक खड़े रहना।
  • विटामिन डी सप्लीमेंट लेना।
  • कैल्शियम मात्रा वाले भोजन करना।

विटामिन डी को बढ़ाने के लिए क्या करते है ?  ( How to Cure Vitamin D Deficiency in Hindi)

  • विटामिन डी को बढ़ाने के लिए सूर्य की किरण ले। यह किरण त्वचा में अवशोषित होकर शरीर में विटामिन डी को बढ़ाती है।
  • विटामिन डी को बढ़ाने के लिए खाद्य पदार्थ कुछ इस प्रकार है।
  • मछली, रावस, पेड़वे, बंगड़ा, कार्ड, मछली का लीवर इत्यादि है।
  • विटामिन डी के कुछ अन्य खाद्य पदार्थ भी है।
  • जैसे :- अंडा, पनीर, मशरूम, दूध, कलेजी आदि है।
  • विटामिन डी के द्रव पदार्थ कुछ इस प्रकार है।
  • जैसे :- संतरे का रस, अनाज, डेरी उत्पादक, सोया मिल्क आदि है।
  • शरीर को संतुलित रखने के लिए रोजाना व्यायाम करना व सूर्य रौशनी लेना चाहिए। शरीर में विटामिन डी बढ़ेगा।
  • यदि कोई बीमारी के वजह से विटामिन डी की कमी है तो विटामिन डी को बढ़ाने के लिए डॉक्टर से सलाह ले।

यदि आपको विटामिन डी के बारे में अधिक जानकारी एव इलाज करवाना हो तो तुरंत जनरल फिजिशियन डॉक्टर (General Physician) से संपर्क करे।


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