ऐल्पर्स सिंड्रोम क्या होता है। Alpers syndrome in Hindi

अप्रैल 19, 2021 Liver Section 519 Views

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ऐल्पर्स सिंड्रोम का मतलब हिंदी में,  (Alpers syndrome Meaning in Hindi)

ऐल्पर्स सिंड्रोम क्या होता है ?

एल्पर्स सिंड्रोम को अल्पर्स-हुतनलोचर सिंड्रोम या प्रगतिशील सेरेब्रल पॉलीओडिस्ट्रोफी के रूप में भी जाना जाता है। यह एक दुर्लभ बचपन न्यूरोडीजेनेरेटिव पीओएलजी-संबंधी विकार है। हालांकि लेह सिंड्रोम के साथ, यह सबसे आम बचपन माइटोकॉन्ड्रियल विकारों 1 में से एक माना गया है। ऐल्पर्स सिंड्रोम धीरे धीरे लिवर को नुकसान पहुंचाता है। इस विकार से पीड़ित लोगो में अधिकतर दौरे व मतिभ्रम, अटैक्सिया की समस्या होने लगती है। अधिकतर यह सिंड्रोम पोलो नामाक जिन म्यूटेशन की गड़बड़ी के वजह से हो सकता है। ये ऐसा सिंड्रोम है जो सामान्य रूप महिला और पुरुष दोनों को प्रभावित करता है। कुछ रिसर्च के मुताबिक यह सिंड्रोम कई लाख लोगो में से एक व्यक्ति में हो सकता है। कई लोग सोच रहे होंगे यह कैसे होता है ? चलिए आज के लेख में आपको ऐल्पर्स सिंड्रोम के कारण, लक्षण, परीक्षण व उपचार के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। 

  • ऐल्पर्स सिंड्रोम के कारण क्या ? (What are the Causes of Alpers Syndrome in Hindi)
  • ऐल्पर्स सिंड्रोम के संकेत व लक्षण क्या हैं ? (What are the Sign & Symptoms of Alpers Syndrome in Hindi)
  • ऐल्पर्स सिंड्रोम के परीक्षण ? (Diagnoses of Alpers Syndrome in Hindi)
  • ऐल्पर्स सिंड्रोम का इलाज क्या हैं ? (What are the Treatments for Alpers Syndrome in Hindi)

ऐल्पर्स सिंड्रोम के कारण क्या ? (What are the Causes of Alpers Syndrome in Hindi)

  • पोलर्स जीन में उत्परिवर्तन के कारण अल्‍पर्स-ह्‍यूटेनलोचर सिंड्रोम होता है। यह जीन पोलीमरेज़ गामा नामक प्रोटीन का एक हिस्सा, अल्फा सबयूनिट बनाने के निर्देश प्रदान करता है। यह पोल माइटोकॉन्ड्रिया में कार्य करता है, जो कोशिकाओं के भीतर संरचनाएं हैं जो ऑक्सीजन का उपयोग भोजन से ऊर्जा को रूप में परिवर्तित करने के लिए करते हैं। (और पढ़े – पेट में दर्द की समस्या क्या है)
  • अधिकांश पीओएल जीन उत्परिवर्तन पोल के अल्फा सबयूनिट में एकल प्रोटीन बिल्डिंग ब्लॉक (अमीनो एसिड) को बदलते हैं। इन परिवर्तनों के परिणामस्वरूप उत्परिवर्तित पोल  होता है जिसमें डीएनए को दोहराने की क्षमता कम होती है। हालांकि यह तंत्र अज्ञात है, लेकिन POLG जीन में उत्परिवर्तन अक्सर mtDNA (mtDNA रिक्तीकरण) की प्रतियों की कम संख्या के परिणामस्वरूप होता है, विशेष रूप से मांसपेशियों, मस्तिष्क और यकृत कोशिकाओं में। MtDNA घटाव सेलुलर ऊर्जा में कमी का कारण बनता है, जो अल्पर्स-हुतनलोचर सिंड्रोम के संकेतों और लक्षणों के लिए जिम्मेदार हो सकता है। ऐल्पर्स सिंड्रोम के को पहचानने के लिए अभी और शोध किये जा रहे है। (और पढ़े – एकार्डी सिंड्रोम क्या है)

ऐल्पर्स सिंड्रोम के संकेत व लक्षण क्या हैं ? (What are the Sign & Symptoms of Alpers Syndrome in Hindi)

ऐल्पर्स सिंड्रोम के लक्षण बहुत से हो सकते हैं, लेकिन सभी में लक्षण अलग -अलग नजर आ सकते हैं। 

ऐल्पर्स सिंड्रोम के परीक्षण ? (Diagnoses of Alpers Syndrome in Hindi)

  • किसी भी बीमारी का पता लगाने के लिए चिकिस्तक पहले जांच करते है, ताकि सटीक उपचार किया जा सके। उसी तरह कुछ ऐसी भी बीमारिया होती है जिनका पता लगाना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि सामान्य परीक्षण के जगह अन्य लैब जांच या इसीजी जांच की जरूरत पड़ सकती है। आपको बता दे, ऐल्पर्स सिंड्रोम का परीक्षण के लिए चिकिस्तक मरीज के पुराने बीमारी इतिहास व लक्षणो के बारे में पूछते है। इसके बाद मरीज का अन्य जांच कर सकते है। 
  • ऐल्पर्स सिंड्रोम की समस्या छोटे से ही नजर आने लगती है और दौरे की बात करे तो 3 से 5 साल के मध्य नजर आने लगती है। इसके अलावा मोटर की गतिविधि असामान्य व मांसपेशियो का फकड़ना आदि लक्षण चिकिस्तक ऐल्पर्स सिंड्रोम की पहचान करते है। 
  • कुछ मामलो में चिकिस्तक लैब टेस्ट के बाद ईसीजी जांच करते है। इसमें मस्तिष्क के विद्युत आवेगो रिकॉर्ड किया जाता है। इस प्रक्रिया में खोपड़ी पर पतली तार का डिस्क लगा दिया जाता है। यह डिस्क विद्युत आवेगो को कंप्यूटर में भेजती है। इससे चिकिस्तक को ब्रेन में सामान्य व असामन्य जानने में आसानी पड़ती है।  (और पढ़े – स्लिप डिस्क के कारण क्या है)

ऐल्पर्स सिंड्रोम का इलाज क्या हैं ? (What are the Treatments for Alpers Syndrome in Hindi)

  • ऐल्पर्स सिंड्रोम का कोई विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है और ना ही कोई दवा है जो इस विकार को रोक सके। लेकिन चिकिस्तक इसके लक्षण को कम करने में निम्न उपचार कर सकते है जो मरीज को आराम पहुंचा सकते है। कुछ ऐसी भी दवाइयां मौजूद है जो दौरे को कम करने व सुधार करने में सहायक होता है। यदि मांसपेशियो में दर्द हो या जोड़ो में दर्द हो व संक्रमण से बचाव करने के लिए कुछ दवा लेने की सलाह दे सकते है। 
  • कुछ मामलो में मरीज के विकार में सुधार करने के लिए कुछ थेरेपी की सलाह दे सकता है। ऐसा इसलिए फिजिकल थेरेपी व्यक्ति के तनाव व हड्डियों के दर्द को कम करने में मददगार हो सकते है। जोड़ो में दर्द होने पर अच्छे से मालिश करना चाहिए ताकि दर्द से आराम मिल सके। यदि तनाव अधिक है तो मालिश से तनाव भी कम किया जा सकता है। ऐल्पर्स सिंड्रोम का सटीक उपचार न होने के वजह से चिकिस्तक लक्षण को कम करवाने पर ध्यान केंद्रित करते है। ऐल्पर्स सिंड्रोम से पीड़ित व्यक्ति के लक्षण को कम करने का प्रयास करते रहते है। (और पढ़े – सेरेबल पाल्सी रोग क्या है और क्यों होता हैं)

हमें आशा है की आपके प्रश्न ऐल्पर्स सिंड्रोम क्या होता है ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको ऐल्पर्स सिंड्रोम के बारे में अधिक जानकारी व उपचार के लिए (Gastroenterologist) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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