जानिए बच्चों में (अपच) बदहजमी के लक्षण, कारण, उपचार व बचाव। Indigestion in babies Meaning in Hindi

Login to Health अक्टूबर 8, 2020 Liver Section 815 Views

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Indigestion in babies Meaning in Hindi. 

बच्चें बाहर खेलते है और बाहरी चीजों का सेवन अधिक करने लगे है इस कारण घर के भोजन करने से बचना चाहते है। यही वजह है की बच्चों में अपच जैसी समस्या उत्पन्न होने लगती है। बाहर के वातावरण में बिकने वाली चीजों के संपर्क में धुल, मिटटी व किट आते है जो पेट को नुकसान पहुंचाते है। बहुत से माता-पिता शिकायत करते है की बच्चों को अच्छा घर का भोजन करवाते है तो बच्चें बीमार क्यों होते है। ऐसा, इसलिए बच्चें स्कूल जाते है कई बाहरी तत्वों के संपर्क में आते है इसलिए उनकी सेहत पर प्रभाव पड़ सकता है। बच्चों में बदहजमी की समस्या शुरू होने पर उनका उचित उपचार करवाएं। इसके अलावा कुछ सावधानिया बर्तने से उपच की समस्या को ठीक किया जा सकता हैं। चलिए आज के लेख के माध्यम से बच्चों में अपच की सम(Indigestion in Babies  in Hindi) के कारण, लक्षण, उपचार और बचाव के बारे में जानकारी देंगे। स्या 

  • बच्चों में बदहजमी के लक्षण क्या हैं ? (What are the symptoms of Indigestion in Babies in Hindi)
  • बच्चों में बदहजमी के कारण क्या हैं ? (What Causes Indigestion in Babies in Hindi)
  • बच्चों में बदहजमी का उपचार क्या हैं ? (What is the Treatment for Indigestion in Babies in Hindi)
  • बच्चों में बदहजमी से बचाव कैसे करें ? ( How to Prevent Indigestion in Babies in Hindi)

बच्चों में बदहजमी के लक्षण क्या हैं ? (What are the symptoms of Indigestion in Babies in Hindi)

बच्चों के खाना खाने के बाद पेट में जलन होना और सीने में दर्द दोनों अपच के लक्षण माने जाते है। सामान्य तौर पर बदहजमी होने पर सीने में दर्द का अनुभव होता है। इसके अलावा बच्चों में तेज दर्द हो सकता है, ऐसे में बच्चें अपने दैनिक कार्यो को ठीक से नहीं कर पाते है। बदहजमी के बहुत से लक्षण है चलिए आगे बताते हैं। 

  • बच्चों का पेट फूल जाना। 
  • बच्चों के पेट में एसिड रिफ्लेक्शन होना यानि भोजन या तरल पदार्थ मुंह तक आना और फिर चले जाना। 
  • जी मिचलाना या उल्टी आना। 
  • बच्चों को डकार आना या बार -बार हवा निकलना। (और पढ़े – पेट में दर्द क्यों होता हैं)

बच्चों में अधिकतर अपच की समस्या बाहर के जंक फ़ूड खाने के वजह से शुरू होती है। बदहजमी कई मामले में दवा की जरूरत नहीं होती है, किंतु खाना खाने के बाद बदहजमी रोजाना हो रही है तो अपने चिकिस्तक से संपर्क करें। 

आपको बता दे कब आपको चिकिस्तक के पास जाना चाहिए। 

  • जैसे आपके बच्चे का वजन कम हो रहा है या पूरा दिन भूख नहीं लगती है। 
  • बच्चों को अकारण पसीना आ रहा है। 
  • भोजन निगलने में कठिनाई हो रही है। 
  • बच्चों को लगातार उल्टी की समस्या हो रही है आदि। 

बच्चों में बदहजमी के कारण क्या हैं ? (What Causes Indigestion in Babies in Hindi)

बच्चों में अपच अक्सर (Indigestion in Babies  in Hindi) तब होता है जब पेट में एसिड की समस्या बढ़ जाती है और पाचन तंत्र प्रभावित हो जाता है। इस वजह से पेट में सूजन, दर्द, बेचैनी बढ़ती है। यह समस्या बच्चों को बहुत परेशान कर देती है। बहुत से बच्चों में पाचन तंत्र की सुरक्षा परत में सूजन नहीं होती है बल्कि एसिड की वजह से समस्या बढ़ जाती है। बच्चों अपच का सही कारण जानने के बाद उचित उपचार करना चाहिए। आइये बच्चों में अपच के कारण बताते हैं। 

  • मोटापा बच्चों और बड़ो में होने वाली आम समस्या है जो उनकी दिनचर्या या खान -पान के कारण मोटापा होता है। बच्चों में अपच का कारण मोटापा भी होता है। 
  • कुछ ऐसी दवाएं होती है जिनका सेवन करने से बच्चें को सीने में जलन की समस्या हो सकती है। कुछ दवाओं के बारे में चिकिस्तक ठीक से नहीं बताते तो वही दवा पेट में जलन की समस्या उत्पन्न करने का कारण बन सकती है। 
  • तनाव और चिंता दोनों से भोजन पर प्रभाव पड़ता है। इस कारण बच्चें सही समय पर भोजन नहीं करते है और एसिड रिफ्लक्स की समस्या से परेशान हो जाते है। 
  • भोजन नली में सूजन और जलन होने के कारण बच्चों को अपच का सामना करना पड़ता है। 
  • पेट में किसी तरह का संक्रमण होने से भोजन का पाचन सही से हो नहीं पाता है और यही कारण बदहजमी का बनता है। 
  • पेट के अंदरूनी परत या छोटी परत या खुले घाव की तरह होते है। इन्हे अल्सर कहा जाता है इसमें बदहजमी का लक्षण होने लगता है। बार-बार अपच की समस्या कैंसर के रोग का संकेत देता। (और पढ़े – पेट में अल्सर की समस्या)

बच्चों में बदहजमी का उपचार क्या हैं ? (What is the Treatment for Indigestion in Babies in Hindi)

बच्चों के बदहजमी के बहुत से मामले में उपचार की जरूरत नहीं पड़ती है। अगर बदहजमी कई घंटो तक बना रहे तो ऐसे में चिकिस्तक के पास जाना चाहिए। चिकिस्तक बच्चें के पेट का एक्स-रे और अन्य टेस्ट की सलाह दे  सकते है। इन जांच की मदद से अपच के सही कारण का पता लगाया जाता है। हालांकि उपचार के दौरान बच्चें को गैस कम करने के लिए कुछ दवाएं देते है। गैस की दवा भोजन करने के 10 या 15 मिनट पहले खाया जाता है। इस बात का ध्यान रखे बिना चिकिस्तक की सलाह के बच्चें को कोई भी दवा न दे। (और पढ़े – एसिड रिफ्लक्स क्यों होता है)

बच्चों में बदहजमी से बचाव कैसे करें ? ( How to Prevent Indigestion in Babies in Hindi)

बच्चों में बदहजमी (Indigestion in Babies Meaning in Hindi) से बचाव करने के निम्नलिखित उपाय अपना सकते हैं। 

  • बच्चों को कम तेल वाले भोजन कराएं। 
  • बच्चों को भोजन आराम से चबा कर खाने को कहे। 
  • बच्चों को चॉकलेट की आदत न लगाएं। 
  • खाना खाने के बाद बच्चो को खेलने और शारीरिक कार्य न करने दे। 
  • बच्चों को हमेशा खुश रखने का प्रयास करे ताकि तनाव न हो। (और पढ़े – तनाव की समस्या क्यों होती है)

अगर बच्चों में बदहजमी (Indigestion in Babies  in Hindi)की समस्या हो रही है, तो बाल चिकिस्तक (Pediatric Gastroenterologist) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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