स्तंभन दोष के आयुर्वेदिक उपचार। Ayurvedic Treatment For Erectile Dysfunction in Hindi

Login to Health अप्रैल 15, 2021 Mens Health 33 Views

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इरेक्टाइल डिसफंक्शन (स्तंभन दोष) का मतलब हिंदी में,  (Erectile Dysfunction Meaning in Hindi)

स्तंभन दोष के आयुर्वेदिक उपचार

इरेक्टाइल डिसफंक्शन यानि स्तंभन दोष की समस्या पुरुषो में नपुंसकता का कारण बनता है। पुरुषो के इस समस्या को ठीक करने के लिए आयुर्वेदिक उपचार प्रभावी होता है। भारत में प्राचीन समय से यौन स्वास्थ्य व शारीरिक समस्या के उपचार के लिए आयुर्वेदिक जड़ी बूटी का उपयोग किया जाता रहा है। स्तंभन दोष को कम करने के लिए बहुत से लोग आयुर्वेदिक उपचार का उपयोग करते है। कई ऐसी जड़ी बूटी व हर्बल दवाइया है जिनका प्रयोग व्यक्ति के स्वास्थ्य समस्या को जड़ से समाप्त करना होता है। जैसा की आपको पता है अन्य दवाओं के मुकाबले आयुर्वेदिक दवा कम नुकसानदायक होती है। स्तंभन दोष की समस्या को आहार में परिवर्तन कर व आयुर्वेदिक उपचार की सहायता से ठीक किया जा सकता है। चलिए आज के लेख में आपको इरेक्टाइल डिसफंक्शन के आयुर्वेदिक उपचार के बारे में बताने वाले है। 

  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन के आयुर्वेदिक उपचार क्या हैं  ? (Ayurvedic Treatments for Erectile Dysfunction in Hindi)
  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन में क्या खाना चाहिए ? (Foods for Erectile Dysfunction in Hindi)
  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन में क्या नहीं खाना चाहिए ? (Foods Avoid for Erectile Dysfunction in Hindi)

इरेक्टाइल डिसफंक्शन (स्तंभन दोष) के आयुर्वेदिक उपचार क्या हैं ? (Ayurvedic Treatments for Erectile Dysfunction in Hindi)

पुरुषो में नपुंसकता यानि इरेक्टाइल डिसफंक्शन एक ऐसी स्तिथि है जिसमे व्यक्ति सेक्स करने में सफलता प्राप्त नहीं कर पाता है। कुछ मामलो में यह समस्या सामान्य हो सकती है जो कभी -कभी हार्मोन की गड़बड़ी व तनाव होने से आत्मविश्वास की कमी आ जाती है। संभोग से जुडी समस्या जोड़ो के बिच दूरिया पैदा करता है। बहुत से पुरुष इरेक्टाइल डिसफंक्शन से कई महीनो से परेशान रहते है लेकिन शर्म करने पर उपचार नहीं करवाते है। ऐसे लोगो में नपुंसकता की समस्या जटिल होने लगती है। इसलिए स्तंभन दोष होने पर आयुर्वेदिक उपचार का उपयोग करना चाहिए। कुछ अध्ययन के अनुसार आयुर्वेदिक उपचार के माध्यम से व्यक्ति के इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या ठीक होने लगती है। चलिए आगे आयुर्वेदिक उपचार के बारे में बताते है। 

  • शतावरी इरेक्टाइल डिसफंक्श का उपचार करें शतावरी के तरह की बेहतरीन आयुर्वेदिक औषधी है जिसका उपयोग पुरुषो के यौन समस्या के इलाज में किया जाता है। शतावरी पुरुषो के यौन दोष को दूर करने में प्रभावी होता है। इसके अलावा पुरुषो के प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। पुरुषो द्वारा शतावरी का उपयोग करने से नसों को शांत कर कार्य प्रणाली में सुधार करता है। इस वजह से पुरुष के स्तंभन दोष की समस्या दूर होने लगती है। शतावरी चूर्ण, कैप्सूल के रूप में बड़ी आसानी से बाजार में मिल जाता है। (और पढ़े – शतावरी के फायदे और नुकसान)
  • जिनसेंग स्तंभन दोष के लिए आयुर्वेदिक उपचार –  पुरुषो में नपुंसकता व स्तंभन दोष का उपचार करने के लिए जिनसेंग प्रभावी जड़ीबूटी है। प्राचीन समय से यौन समस्या को ठीक करने के लिए जिनसेंग जड़ीबूटी का उपयोग किया जाता रहा है। जिनसेंग को हमारी देशी भाषा में अश्वगंधा के नाम से जाना जाता है। जिनसेंग का उपयोग औषधीय के रूप में करने से पुरुष के नपुंसकता व स्तंभन दोष को दूर करने में मदद करता है। जिनसेंग शुक्राणु की संख्या बढ़ाकर प्रजनन क्षमता में सुधार करता है। इसके अलावा यह जड़ीबूटी पुरुष की यौन इच्छा को बढ़ाती है और सेक्स हार्मोन को नियंत्रित करती है। (और पढ़े – अश्वगंधा के फायदे और नुकसान)
  • अदरक प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार स्तंभन दोष के लिए अदरक एक ऐसा आयुर्वेदिक उपचार है जिसका उपयोग नियमित रूप से करने से यौन कमजोरी के साथ स्तंभन दोष को दूर करने में मदद करता है। हालांकि अदरक में ऐसे गुण है जो पुरुष के यौन इच्छा यानि उत्तेजना को बढ़ाने में सहायक होता है। अदरक के ताजे रस का उपयोग शहद के साथ कर सकते है। स्तंभन दोष की समस्या को दूर करने में अदरक प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार माना गया है। (और पढ़े – अदरक के फायदे और नुकसान)
  • दालचीनी स्तंभन दोष के प्रभाव को कम करें –  पुरुषो के यौन स्वास्थ्य से जुडी समस्या का उपचार करने के लिए दालचीनी का उपयोग किया जाता है। यह आयुर्वेदिक जड़ीबूटी है जो स्तंभन दोष को दूर करने के साथ हार्मोन को नियंत्रित करती है। दालचीनी का उपयोग रोजाना करने से स्तंभन दोष की समस्या कम होने लगती है। इस बात का ध्यान रखे दालचीनी अत्यधिक न ले नहीं तो शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। (और पढ़े – दालचीनी के फायदे और नुकसान)

इरेक्टाइल डिसफंक्शन (स्तंभन दोष) में क्या खाना चाहिए ? (Foods for Erectile Dysfunction in Hindi)

आयुर्वेद के अनुसार इरेक्टाइल डिसफंक्शन में कुछ निम्न चीजे आहार में ले सकते है।

  • अनाज में गेहूं, चावल व दाल का सेवन करना चाहिए। 
  • हरी सब्जियों में पत्ते वाली सब्जी व ताजी सब्जियों को शामिल करें। 
  • फलो में ताजे फल व मौसमी फल का सेवन करना चाहिए। 
  • मांसाहारी है तो चिकन व मिट का सेवन कर सकते है। 
  • आमलकी व हरीतकी आहार में शामिल कर सकते है। 
  • व्यक्ति को रोजाना थोड़ा शारीरिक गतिविधि यानि व्यायाम, योगा करना चाहिए। 
  • रात को कम से कम आठ घंटो की नींद ले। 
  • अपने शरीर की साफ – सफाई बनाए रखें। (और पढ़े – इरेक्टाइल डिसफंक्शन (स्तंभन दोष) का इलाज)

इरेक्टाइल डिसफंक्शन (स्तंभन दोष) में क्या नहीं खाना चाहिए ? (Foods Avoid for Erectile Dysfunction in Hindi)

आयुर्वेद के अनुसार इरेक्टाइल डिसफंक्शन में भोजन में निम्न चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। 

  • अधिक मसालेदार भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। 
  • तैलीय भोजन व तला भुना वाली चीजो का सेवन नहीं करना चाहिए। 
  • फ़ास्ट फ़ूड यानि जंक फ़ूड का सेवन नहीं करना चाहिए। 
  • शराब व धूम्रपान से परहेज करना चाहिए। 
  • आइसक्रीम, चाय व कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए। 
  • उपवास अधिक नहीं रखना चाहिए। (और पढ़े – खाली पेट केला खाना चाहिए)
  • पेशाब व मल त्यागने की क्रिया को दबाना या रोकना नहीं चाहिए। 

हमें आशा है की आपके प्रश्न इरेक्टाइल डिसफंक्शन के आयुर्वेदिक उपचार ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं।

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