पीला बुखार के कारण क्या है । Causes of Yellow Fever in Hindi

अक्टूबर 23, 2020 Uncategorized 1555 Views

हिन्दी Bengali

Yellow Fever Meaning in Hindi. 

पीला बुखार एक ऐसा बुखार है। जो वायरल इन्फेक्शन के कारण होता है। यह इन्फेक्शन मच्छरो के काटने से फैलता है। कुछ लोगो में मामूली पीला बुखार होना आम बात होती है। उनका बुखार अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन कुछ गंभीर मामले यानी हृदय रोग, किडनी की समस्या, का जोखिम बढ़ जाता है। यदि उन लोगो को पीला बुखार हुआ हो। कुछ शोधो के अनुसार जो गंभीर रूप से पीले बुखार से ग्रस्त होते है उनकी मृत्यु भी हो जाती है। पीले बुखार का कोई सटीक उपचार नहीं है। लेकिन पीले बुखार से बचने के लिए टिके जरूर लगवाना चाहिए। पीला बुखार दुनिया के कुछ देशो में पाया गया है। लेकिन भारत में अभी तक कोई पीड़ित नहीं पाया गया है। इस लेख में पीले बुखार के कारण, लक्षण, उपचार के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त करेंगे। 

  • पीला बुखार (येलो फीवर) के कारण क्या है ? (What are the Causes of Yellow Fever in Hindi)
  • पीला बुखार (येलो फीवर) के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Yellow Fever in Hindi)
  • पीला बुखार का परीक्षण ? (Diagnoses of Yellow Fever in Hindi)
  • पीला बुखार (येलो फीवर) का उपचार क्या है ? (What are the Treatments for Yellow Fever in Hindi)

पीला बुखार के कारण क्या है ? (What are the Causes of Yellow Fever in Hindi)

पीला बुखार के अनेको कारण हो सकते है। 

  • पीला बुखार एडीज मच्छर के काटने के कारण फैलता है। यह वायरस फैलता है। जिससे संक्रमित होकर व्यक्ति को पीला बुखार हो जाता है। 
  • मनुष्य और बंदर पीले बुखार से अधिक संक्रमित होते है। पीला वायरस अधिकतर मच्छर बंदरो व मनुष्यो के बिच फैला हुआ रहता है। यह एक दूसरे के काटने से रक्त में मिल जाती है। व्यक्ति को पिले बुखार से ग्रस्त कर देती है। 
  • अगर आप ऐसे छेत्र में जा रहे है। जहा पीला बुखार फैलता हुआ है। तो बिना किसी टिके लगवाए यात्रा करते है। तो आपको भी पीला बुखार हो सकता है। 
  • यात्रा में जाने से पहले 3 हफ्ते पहले पिले बुखार का टिका जरूर लगवाए। 

पीले बुखार की कुछ जटिलताएं 

  • कुछ शोधो के अनुसार 20 से 30 % लोगो की मित्यु पीले बुखार के कारण हो जाती है। पीले बुखार का वायरस लिवर व किडनी में प्रवेश कर समस्याओं को और कोमा को बढ़ाता है। 
  • इस संक्रमण से जो लोग बच जाते है। वह हफ्ते या महीने के भीतर ठीक हो जाते है। उस समय वह व्यक्ति थकान व पीलिया महसूस करेगा। इनमे निमोलिया या ब्लड इन्फेक्शन की जटिलता देखी जा सकती है।  

पीला बुखार के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Yellow Fever in Hindi)

पीला बुखार के कुछ आम लक्षण इस प्रकार है। 

  • सिरदर्द होना। (और पढ़े – सिरदर्द दूर करने के घरेलु उपचार)
  • मांसपेशियो में दर्द होना। 
  • चक्कर का अनुभव होना। 
  • भूख में कमी नजर आना। 
  • आँखे व जीभ लाल होना।
  • यह लक्षण उपचार करने पर आसानी से चले जाते है। 
  • पीला बुखार के कुछ गंभीर लक्षण जो बहुत ही घातक हो सकते है। 
  • कुछ लोगो में गंभीर लक्षण कुछ दिन दिखाई देने पर लुप्त हो जाते है। जो टॉकीज में प्रवेश कर लेते है। इस फेज में लक्षण जाने के साथ गंभीर लक्षण उभरने लगते है। 
  • जैसे: त्वचा व आँखों का पीला होना। 
  • नाक,मुँह,आँख से रक्त आना। 
  • हृदय की गति में रुकावट होना। 
  • पेशाब कम होना। 
  • लिवर और गुर्दे का सही से काम न करना। 
  • मस्तिष्क से जुडी समस्या यानि दौरा व भ्र्म होना। 
  • पेट दर्द होना। (और पढ़े – पेट में गांठ)
  • उल्टी के साथ रक्त आना। 

पीला बुखार का परीक्षण ? (Diagnoses of Yellow Fever in Hindi)

  • संकेतों और लक्षणों के आधार पर पीले बुखार का निदान करना मुश्किल हो सकता है क्योंकि इसके पाठ्यक्रम में जल्दी से संक्रमण आसानी से मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू बुखार और अन्य वायरल रक्तस्रावी बुखार से भ्रमित हो सकता है।
  • आपकी स्थिति का निदान करने के लिए, आपका डॉक्टर आपको अपने चिकित्सा और यात्रा इतिहास के बारे में प्रश्न पूछ सकते है। इसके अलावा परीक्षण के लिए एक रक्त का नमूना ले सकते है। 
  • यदि आपको पीला बुखार है, तो आपका रक्त वायरस को प्रकट कर सकता है। यदि नहीं, तो रक्त परीक्षण भी वायरस के लिए एंटीबॉडी और अन्य पदार्थों का पता लगा सकता है।(और पढ़े – कोरोना वायरस क्या है)

पीला बुखार का उपचार क्या है ? (What are the Treatments for Yellow Fever in Hindi)

  • पीले बुखार के लिए अभी तक कोई सटीक एंटीबायोटिक उपलब्ध नहीं है। लेकिन पीली बुखार में अस्पताल में भर्ती करवाया जाता है। चिकिस्तक की देख रेख में मरीज को रखा जाता है। इसमें मरीज को तरल पदार्थ और ऑक्सीजन प्रदान करना व खून की कमी को पूरा करना। कुछ लोगो में खून में प्रोटीन डाला जाता है। इससे उनके खून में सुधार किया जाता है। 
  • अगर आपको पीले बुखार के लक्षण नजर आ रहे है। तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। जितना हो सके मच्छरो से बचाव करना चाहिए। सभी टिके लगवाना चाहिए। ताकि कोई वायरस शरीर को प्रभावित ना कर पाये। 

अगर आपको पीले बुखार के बारे अधिक जानकारी एव उपचार करवाना हो,तो जनरल फिजिशियन (General Physician) से संपर्क करें। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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