गर्भनिरोधक गोलियों के उपयोग व फायदे। Birth Control Pills Uses and Benefits in Hindi

मार्च 2, 2021 Womens Health 4234 Views

हिन्दी Bengali

गर्भनिरोधक गोलियों का मतलब हिंदी में, (Birth Control Pills (Oral Contraceptive) Meaning in Hindi)

गर्भनिरोधक गोली में प्रोजेस्ट्रोन और एस्ट्रोजेन हार्मोन की जगह पर प्रोजेस्टिन नामक सिंथेटिक हार्मोन का उपयोग किया जाता है। हालांकि यह हार्मोन गर्भधारण करने में और नहीं करने में सहायक मानी जाती है। आपको बता दे प्रोजेस्टिन अंडाशय से अंडे निकलने की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करता है व गर्भाशय तक द्रव को पहुंचने नहीं देता व गर्भधारण नहीं करने देता है। इसके अलावा एस्ट्रोजन व प्रोजेस्टिन दोनों हार्मोन ओवुलेशन को रोकते है और गर्भाशय तक अंडे को पहुंचने नहीं देते है जिससे महिला गर्भधारण नहीं कर पाती है। अक्सर महिलाएं अनचाहे गर्भ से बचाव करने के लिए गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती है। लेकिन गोलियों के सेवन के बारे में चिकिस्तक से परामर्श लेना चाहिए तभी इसका सेवन नियमित रूप से करना उचित होता है। चलिए आज के लेख में आपको गर्भनिरोधक गोलियों के उपयोग व फायदे और नुकसान के बारे में बताने वाले हैं। 

  • गर्भनिरोधक गोली के प्रकार ? (Types of birth control pills in Hindi)
  • बर्थ कंट्रोल में गर्भनिरोधक गोली कैसे काम करता हैं ? (How does a contraceptive pill work in birth control in Hindi)
  • गर्भनिरोधक गोलियों के उपयोग व फायदे ? (What are the Uses and Benefits of birth control pills in Hindi)
  • गर्भनिरोधक गोली के साइड इफ़ेक्ट ? (What are the side effects of birth control pills in Hindi)
  • गर्भनिरोधक गोली से जुडी सावधानियां व बचाव ? (Precautions and prevention related to the Birth Control pills in Hindi)

गर्भनिरोधक गोली के प्रकार ? (Types of birth control pills in Hindi)

गर्भनिरोधक गोली मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है। जिनमे कॉम्बिनेशन पिल्स, एमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स, मिनि पिल्स आदि शामिल है। 

  • कॉम्बिनेशन पिल्स इस प्रकार में एस्ट्रोजन व प्रोजेस्टिन हार्मोन  सिंथेटिक फॉर्म में होती है। यह गोलिया अलग अलग पैक व डे में उपलब्ध रहती है। जैसे 21 डे पैक में 21 एक्टिव टैबलेट्स, 28 डे पैक में 21 एक्टिव टेबलेट्स व 7 इंएक्टिव टैबलेट्स होती है। इंएक्टिव टैबलेट्स का उपयोग मासिक धर्म के दौरान ली जाती है। पैक को सही समय पर लेना होता है। 
  • एमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स इस प्रकार के पिल्स का उपयोग गर्भधारण रोकने के लिए की जाती है। इसमें उच्च मात्रा में हार्मोन होती है जो गर्भधारण होने नहीं देता है। इन गलियों का सेवन असुरक्षित यौन संबंध के बाद 72 घंटो के भीतर ली जाती है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए चिकिस्तक से बात करें। 
  • मिनि पिल्स मिनि पिल्स को प्रोजेस्टिन-ऑनली पिल्स के नाम से भी जाना जाता है। इसका उपयोग मासिकधर्म के आखिरी हफ्ते के दौरान किया जाना चाहिए। हालांकि इनके सेवन से महीने के भीतर स्पॉटिंग हो सकती है यदि रेगुलर इन गोलियों का उपयोग करते है। 

बर्थ कंट्रोल में गर्भनिरोधक गोली कैसे काम करता हैं ? (How does a contraceptive pill work in birth control in Hindi)

महिला के शरीर में उत्पन्न हार्मोन के वजह से ओवरी से एग रिलीज होता है और यदि ऐसे में असुरक्षित यौन संबंध बनाने से एग व स्पर्म के मिलने से फर्टिलाइज होता है। यह फर्टिलाइज एग महिला के गर्भ में ठहर कर पोषण प्राप्त करता है और शिशु का विकास करता है। यदि महिला गर्भवती नहीं होना चाहती है तो गर्भ को रोकने के लिए गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती है। इन गोलियों से मौजूद एस्ट्रोजन व प्रोजेस्टिन हार्मोन गर्भधारण को रोकता है। सामान्यतौर पर कहा जाये तो महिला के ओवुलेशन को रोक देता है। इसके अलावा स्पर्म को गर्भ तक पहुंचने नहीं देता है।  (और पढ़े – हार्मोन थेरेपी क्या है)

गर्भनिरोधक गोलियों के उपयोग व फायदे ? (What are the Uses and Benefits of birth control pills in Hindi)

गर्भनिरोधक गोली का सेवन केवल अनचाहे गर्भ से बचाता ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद भी होता है। लेकिन बिना चिकिस्तक परामर्श के कोई भी बर्थ पिल्स का सेवन न करे। चलिए आगे गर्भनिरोधक गोली के फायदे के बारे में विस्तार से बताते हैं। 

  • अनियमित मासिकधर्म की समस्या दूर करें चिकिस्तक के मुताबिक जिन महिलाओं को अनियमित मासिकधर्म की समस्या रहती है इसके सेवन के बाद मासिकधर्म रेगुलर हो जाता है। इसके अलावा मासिकधर्म के दौरान होने वाले दर्द व अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या को कम करने में मदद करता हैं। हालांकि कुछ शोध में यह गोलिया असरदार नहीं बताई गयी है। (और पढ़े – मासिकधर्म से जुडी समस्याए)
  • गर्भाशय कैंसर से बचाव करें   गर्भाशय कैंसर यानि एंडोमेट्रियल कैंसर से बचाव करने में गर्भनिरोधक गोलिया फायदेमंद हो सकती है। कुछ अध्ययन के मुताबिक लंबे समय से गोलियों का सेवन करने से गर्भाशय कैंसर का खतरा नहीं रहता है। इसके अलावा अंडाशय कैंसर से बचाव करने में यह गोलिया फायदेमंद हो सकती है। यदि आपको अन्य कैंसर है तो अपने चिकिस्तक से बात करें। (और पढ़े –  एंडोमेट्रियल कैंसर क्या हैं)
  • पेल्विक में सूजन को कम करें गर्भनिरोधक गोली के सेवन करने से पेल्विक के हिस्से के सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। आपको बता दे, पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिसीज के कारण महिला के प्रजनन अंगो में सूजन आ सकता है। कुछ आर्टिकल के अध्ययन के अनुसार पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिसीज से बचव करने में गर्भनिरोधक गोली उपयोगी हो सकती हैं।(और पढ़े – अनवांटेड 72 क्या हैं)
  • आयरन की कमी दूर करें   जैसा की आपको मालूम होगा मासिकधर्म के दौरान शरीर में भारी मात्रा में आयरन की कमी होने लगती है। हालांकि गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन से मासिकधर्म में रक्तस्राव की कमी हो सकती है। इसलिए मासिकधर्म में अधिक आयरन की कमी से बचाव करने के लिए महिलाएं गर्भनिरोधक गोली का सेवन कर सकती हैं। इसके बारे में चिकिस्तक से सलाह ले सकते है। (और पढ़े – एनीमिया के कारण क्या है)
  • रुमेटाइड अर्थराइटिस से बचाव करें कुछ अध्ययन के अनुसार रुमेटाइड अर्थराइटिस से पीड़ित महिलाएं के गर्भनिरोधक गोली का सेवन करने से इसका जोखिम कम रहता है। रुमेटाइड अर्थराइटिस का मतलब जोड़ो का दर्द होता है। लेकिन आप चिकिस्तक से उपचार करवा सकती है न की पूरी तरह से इन गोलियों पर निर्भर रहें। (और पढ़े – गठिया के घरेलु उपचार)

गर्भनिरोधक गोली के साइड इफ़ेक्ट ? (What are the side effects of birth control pills in Hindi)

गर्भनिरोधक गोली का उपयोग चिकिस्तक की सलाह से करना उचित होता है। ऐसा इसलिए गर्भनिरोधक गोली का उपयोग कैसे करना है सही तरीका केवल चिकिस्तक ही बता सकता हैं। हालांकि इन गर्भनिरोधक गोलीयो के उपयोग से कुछ दुष्परिणाम यानि नुकसान हो सकते हैं। चलिए आगे बताते हैं। 

सामान्य साइड इफेक्ट्स में शामिल हैं। 

अन्य साइड इफेक्ट्स में शामिल है। 

  • स्तनों में बदलाव यानि कोमल या कठोर होना। 
  • सफ़ेद पदार्थ का स्राव होना। 
  • चेहरे व हाथ-पैर में अनचाहे बाल आना। 
  • योनि में सूजन व लालिमा आना। 
  • कब्ज होना। 
  • पेट में सूजन होना। 
  • त्वचा पर मुहांसे या धब्बा पड़ना। 
  • वजन बढ़ना या कम होना। 
  • भूख में कमी होना। (और पढ़े – अत्यधिक खाने का विकार)
  • मासिकधर्म धर्म में परिवर्तन होना। 

अगर बताए गए लक्षणो का अनुभव हो रहा है तो तुरत इसका सेवन बंद कर चिकिस्तक से संपर्क करें। 

हमें आशा है आपके प्रश्न गर्भनिरोधक गोलियों के उपयोग व फायदे ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको बर्थ कंट्रोल यानि गर्भनिरोधक गोलियों के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपनी (Gynecologist) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


Best Gynecologist in Delhi

Best Gynecologist in Mumbai

Best Gynecologist in Chennai

Best Gynecologist in Bangalore 


Login to Health

Login to Health

लेखकों की हमारी टीम स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को समर्पित है। हम चाहते हैं कि हमारे पाठकों के पास स्वास्थ्य के मुद्दे को समझने, सर्जरी और प्रक्रियाओं के बारे में जानने, सही डॉक्टरों से परामर्श करने और अंत में उनके स्वास्थ्य के लिए सही निर्णय लेने के लिए सर्वोत्तम सामग्री हो।

Over 1 Million Users Visit Us Monthly

Join our email list to get the exclusive unpublished health content right in your inbox