सिजेरियन ऑपरेशन क्या है। C-Section (Cesarean Delivery) in Hindi

दिसम्बर 24, 2019 Womens Health 18131 Views

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C-Section (Cesarean Delivery) Meaning in Hindi

सी-सेक्शन एक तरह का ऑपरेशन होता है। जिसे सिजेरियन डिलीवरी के रूप में भी जाना जाता है, यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक जन्मजात डॉक्टर योनि के माध्यम से एक शिशु को मां के पेट और गर्भाशय में चीरा लगाकर बचाते है। सिजेरियन कुछ मामलो में पहले से तय रहता है। क्योकि किसी प्रकार की जटिलता का अनुभव होता है। तो डॉक्टर पहले ही सूचित कर देते है। ताकि माँ और शिशु दोनों जोखिम से दूर रहे। आमतौर पर गर्भवती महिलाएं 39 हफ्ते में नार्मल डिलीवरी का प्रयास करती है। अगर चिकिस्तक को किसी तरह का जोखिम नजर आ रहा है, तो 39 हफ्ते के पहले की सीजीरियन के माध्यम से शिशु का जन्म करवाते है। आज इस लेख में सिजेरियन ऑपरेशन के बारे में एव सिजेरियन ऑपरेशन के बाद देखभाल इत्यादि के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई है।

  • सिजेरियन ऑपरेशन क्यों की जाती है ? (Cesarean Operation Kyu Ki Jati Hai in Hindi)
  • सिजेरियन ऑपरेशन के पहले की तैयारी कैसे करते है ? (Cesarean Operation Ke Pehle Ki Tyari Kaise Ki Jati Hai in Hindi)
  • सिजेरियन ऑपरेशन कैसे किया जाता है ? (Cesarean Operation Kaise Kiya Jata Hai in Hindi)
  • सिजेरियन ऑपरेशन के बाद देखभाल ? (Cesarean Operation Ke Bad Dekhbhal in Hindi)

सिजेरियन ऑपरेशन क्यों की जाती है ? (Cesarean Operation Kyu Ki Jati Hai in Hindi)

अगर गर्भवती महिलाओं को नार्मल डिलेवरी में कठिनाई यानि माँ और शिशु के जान का खतरा हो, ऐसे में डॉक्टर सिजेरियन ऑपरेशन का सहारा लेते है। सिजेरियन ऑपरेशन लेबर में समस्या होने कारण भी किया जाता है। इसके अलावा गर्भवती महिला का योनी प्रशव नहीं कर पाती इसके लिए भी सिजेरियन ऑपरेशन किया जाता है। कुछ अन्य निम्न कारक हो सकते है। जिसके लिए डॉक्टर सिजेरियन ऑपरेशन कर सकते है।

  • जैसे बच्चे का सिर बढ़ा हो।
  • शिशु के विकास सम्बंधित परेशानिया। (और पढ़े – विटामिन ए की कमी)
  • यदि माँ को स्वास्थ सम्बंधित समस्या बीपी, शुगर, हृदय रोग आदि हो।
  • महिला की पहले भी सिजेरियन ऑपरेशन हो चूका हो।
  • गर्भवती महिला के जननांगो पर दाग हो जिससे शिशु को खतरा हो।
  • गर्भ में एक बच्चे से अधिक होने पर।
  • गर्भनाल में किसी प्रकार की जटिलता।
  • बच्चे का कंधा बाहर की ओर दिखाई देना।
  • बच्चे के पैर बाहर आ रहे हो।
  • शिशु को ऑक्सीजन की कमी होना। (और पढ़े – ऑक्सीजन की कमी)
  • भ्रूण का गर्भाशय कही और स्तिथ होना।
  • गर्भशय के आगे तक फ़ैल जाना इसके अलावा केवल ऊतक का बढ़ना।

सिजेरियन ऑपरेशन के पहले की तैयारी कैसे करते है ? (Cesarean Operation Ke Pehle Ki Tyari Kaise Ki Jati Hai in Hindi)

सिजेरियन सर्जरी के पहले कुछ निम्न तैयारी करनी चाहिए। जैसा आपके स्त्री डॉक्टर विशेषयज्ञ सलाह देती है।

  • सर्जरी से पहले महिला की रक्त की जांच करवाना।
  • सर्जरी के पहले एनीथिसिया की जांच करना।
  • सर्जरी की योजना करना।
  • सर्जरी के पहले चिकिस्तक द्वारा दी गई दवा लेना।
  • सर्जरी के पहले कुछ नहीं खाना है।
  • सर्जरी का दिन आना।
  • सामान्य सलाह को पूरा करना।
  • चिकिस्तक की बातो को ध्यान में रखना। क्योंकि प्रक्रिया के पहले मूत्रमार्ग में कथेरेटर लगाया जाता है। इसके अलावा गुप्तांग के बालो को निकाल दिया जाता है।

सिजेरियन ऑपरेशन कैसे किया जाता है ? (Cesarean Operation Kaise Kiya Jata Hai in Hindi)

  • सभी तरह की तैयारी होने बाद चिकिस्तक गर्भवती महिला के पेट के निचले भाग में एक चीरा लगाते है। इसे बिकनी कट भी कहा जाता है। मुख्य तौर पर श्रेणी के ऊपर आड़ा काटा जाता है। गंभीर स्तिथि में यह चीरा लंबा भी काट सकते है।
  • पेट में चीरे होने बाद जब गर्भाशय दिखने लगता है। तो चिकिस्तक गर्भाशय पर चीरा लगा कर शिशु को बाहर निकालते है। इस छेत्र को सर्जरी के दौरान ढक दिया जाता है। ताकि महिला अपनी सर्जरी ना देख पाए।
  • शिशु निकालने के बाद उनके शरीर की अच्छी से सफाई की जाती है। गर्भनाल को बिच से काट दिया जाता है। इसके बाद नर्स को सौप दिया जाता है। ताकि शिशु को अच्छे तरीके से साफ कर दे। ताकि माँ अपने गोद में ले सके।
  • सर्जरी होने के बाद पेट को टाको से सील दिया जाता है।

सिजेरियन ऑपरेशन के बाद देखभाल ? (Cesarean Operation Ke Bad Dekhbhal in Hindi)

  • सिजेरियन ऑपरेशन के बाद महिला की खास तौर पर देखभाल करना चाहिए। सर्जरी के बाद महिला को 3 से 4 दिन अस्पताल में ही रखा जाता है। ताकि चिकिस्तक महिला के स्वास्थ्य की देख रेख कर सके।
  • गर्भाशय पर लगाए गए टाके घुल जाते है। लेकिन पेट पर लगाए गए टाके कुछ दिनों बाद निकाल दिए जाते है।
  • महिला को रिकवर होने के लिए नर्स के द्वारा मॉनिटर किया जाता है। यदि महिला का शिशु स्वस्थ है। तो माँ के साथ रिकवरी रूम में रह सकता है।
  • सर्जरी के बाद महिला को IV द्वारा द्रव पदार्थ तब तक दिया जाता है। जब महिला खुद से कुछ खाने या पीने में समर्थ नहीं होती है। (और पढ़े – एवोकाडो के फायदे महिलाओं के लिए)
  • सी सर्जरी होने के बाद महिला को आराम की अधिक आवश्क्यता होती है। अधिक आराम लेने से बाद में कोई समस्या उत्पन्न नहीं होती है।
  • दर्द निवारक दवाएं डॉक्टर दे सकते है। जिससे महिला को दर्द से राहत मिल सके।
  • घाव को साफ रखे और घाव को गिला ना होने दे। घाव को साफ़ रखने के लिए हल्के साबुन से धोए फिर हल्के हाथ से साफ करें।

अगर महिलाएं सिजेरियन ऑपरेशन के बारे में अधिक जानकारी पाना चाहते है, तो अपने नजदीकी अच्छे (Gynecologist/Obstetrician) से संपर्क करें।


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