बांझपन (इनफर्टिलिटी) के कारण क्या है Causes of Infertility in Hindi

दिसम्बर 18, 2019 Womens Health 11796 Views

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Infertility Meaning in Hindi

शादी के बाद हर महिला बच्चे के बारे में सोचती है, किंतु कुछ प्रजनन क्षमता की कमी होने के कारण कुछ महिलाये माँ बनने में असमर्थ हो जाती है। इसका दूसरा कारण जीवनशैली में बदलाव न होने से बांझपन की समस्या अधिक हो रही है। अक्सर महिलाएं प्रजनन क्षमता की कमी के बारे में जान नहीं पाती है, की वो माँ क्यों नहीं बन पा रही है और दूसरे से चर्चा करने में शर्मिदगी होती है। उन महिलाओं के लिए इस लेख में इनफर्टिलिटी के बारे में विस्तार से बतायेंगे। इनफर्टिलिटी जिसे हिंदी में बांझपन कहते है। इसमें महिलाएं कभी गर्भधारण नहीं हो पाती है। हालांकि कुछ महिलाएं एक साल प्रयास करने के बाद भी अगर गर्भधारण नहीं कर पाई तो यह जरुरी नहीं कारण महिला में है, पुरुष में भी दोष हो सकता है। कुछ महिलाएं पहले बच्चे के बाद दूसरे बच्चे करने में समस्या आती है। महिलाओं के गर्भधारण करने में पुरुषो का खास योगदान रहता है। अगर पुरुष की प्रजनन क्षमता के शुक्राणु कम हो जाये या संभोग करने पर इन्फेक्शन हो तो शुक्राणु की संख्या कम हो जाते है। इसे दूसरे शब्दो में स्पर्म कमजोर होना कहते है, इस वजह से महिला गर्भधारण नहीं कर पाती है। कुछ शोध के मुताबिक भारत की महिलाओं में बांझपन की समस्या 9% से 15. 8 के मध्य है। अगर राज्यों की बात करे तो कश्मीर की महिलाये अधिक बांझपन से पीड़ित है। महिलाओं में बांझपन होने की समस्या के बारे में जानकरी दी गयी है।

  • बांझपन (प्रजनन क्षमता की कमी) के कारण क्या है ? (Causes of Infertility in Hindi)
  • बांझपन (प्रजनन क्षमता की कमी) के लक्षण क्या है ? (Symptoms of Infertility in Hindi)
  • बांझपन (प्रजनन क्षमता की कमी) का उपचार क्या है ? (Treatments for Infertility in Hindi)
  • बांझपन (प्रजनन क्षमता की कमी) से बचाव ? (Prevention of Infertility in Hindi)

बांझपन (प्रजनन क्षमता की कमी) के कारण क्या है ? (Causes of Infertility in Hindi)

बांझपन (प्रजनन क्षमता की कमी) का मुख्य कारण तनाव होता है।

  • महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स असंतुलन होने कारण गर्भधारण नहीं कर पाती है।
  • आजकल महिलाओं में पीसीओएस की बीमारी होने के कारण बांझपन की समस्या बढ़ गई है। इस बीमारी में फलोपियन ट्यूब में सिस्ट बन जाते है इस वजह से महिला गर्भधारण नहीं कर पाती है। (और पढ़े – पीसीओएस क्या है और कारण क्या है)
  • महिलाओं की उम्र बढ़ने पर उनके हार्मोन्स कम होने लगते है, उनकी ओवरी सही से काम नहीं करती है। इस तरह की वजह में कोई सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन हो सकती है।
  • गर्भाशय की असामन्य संरचना के कारण बांझपन हो सकता है।
  • फलोपियन ट्यूब अंडे को अंडाशय से गर्भाशय तक पहुंचाने कार्य करती है ताकि भ्रूण का विकास हो सके। लेकिन किसी सर्जरी या पेल्विक संक्रमण होने से फलोपियन ट्यूब को नुकसान पहुँचता है। इस वजह से महिला बांझपन की स्तिथि में आ जाती है।

बांझपन (प्रजनन क्षमता की कमी) के लक्षण क्या है ? (Symptoms of Infertility in Hindi)

बांझपन (प्रजनन क्षमता की कमी) के निम्नलिखित लक्षण है।

  • बालो का झड़ना।
  • चेहरे पर बिना कारण बाल आना। लंबे समय से गर्भधारण न कर पाना।
  • मासिकधर्म अनियमित होना। (और पढ़े – अनियमित मासिकधर्म के कारण)
  • 21 दिनों से पहले मासिकधर्म हो जाना।
  • मासिकधर्म की अवधि 32 दिन से अधिक होना।
  • यह सब लक्षण बांझपन होने का संकेत करते है, जिसके लिए सही समय पर उपचार की जरूरत होती है।

बांझपन (प्रजनन क्षमता की कमी) का उपचार क्या है ? (Treatments for Infertility in Hindi)

बांझपन महिलाओं के लिए एक गंभीर समस्या है। इस समस्या का उपचार महिला की स्थिति व कारण पर निर्भर होता है। इनफर्टिलिटी को दूर करने के लिए उपचार के बहुत विकल्प है।

  • अगर महिलाओं को ओवुलेशन की समस्या के कारण गर्भधारण नहीं कर पा रही है तो चिकिस्तक दवाओं के माध्यम से इस समस्या को ठीक करते है। यह दवा हार्मोन्स में एलएच की वृद्धि करती है। जिससे आप गर्भवती होने में आसानी होती है।
  • आजकल वैज्ञानिक तकनीक इतना बढ़ गयी है की गर्भधारण करना बहुत आसान हो गया है। चिकिस्तक महिला के गर्भाशय में स्वस्थ शुक्राणु ओवुलेशन के समय रखा जाता है, इस प्रक्रिया को आईयूआई कहते है।
  • आइवीएफ की प्रक्रिया में महिला के गर्भ से अंडे कोशिकाओं को बाहर निकालते है और उसमे पुरुष के स्पर्म के साथ रखते है। इसे तीन दिन तक प्रकिया होने तक रखा जाता है भ्रूण के विकास होने पर पुनः महिला के गर्भाशय में डाल दिया जाता है। हालांकि इस प्रक्रिया के बाद महिला को 10 से 20 दिन आराम करना चाहिए।
  • कुछ मामलो में चिकिस्तक महिला की बांझपन की समस्या को दूर करने के लिए सर्जरी करते है। बहुत कम मामले में चिकिस्तक सर्जरी करते है। गर्भाशय की समस्या को ठीक करने के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी या हिस्ट्रोकोपिक सर्जरी कर सकते है।

बांझपन (प्रजनन क्षमता की कमी) से बचाव ? (Prevention of Infertility in Hindi)

बांझपन दूर करने के अपने जीवनशैली में बदलाव करना बेहद जरुरी होता है। इसके अलावा चिकिस्तक कुछ अन्य सुझाव देते है।

  • रोजाना सुबह जल्दी उठकर योगा और व्यायाम करना चाहिए। व्यायाम में मेंनौकासन, बालासन, अर्धचक्रासन शामिल करे, जो आपको बांझपन से बचाव कर सकता है।
  • फलो और सब्जियों में आपको हरी सब्जिया, ब्रोकली व बादाम, खजूर, अंजीर का सेवन करे। (और पढ़े – खजूर के फायदे)
  • रोजाना आपको किशमिश खाना चाहिए। इसके अलावा आहार में दालचीनी, इलायची, लहसुन व डेरी युक्त पदार्थ शामिल करे।
  • अनार का सेवन अधिक करे या अनार का रस पीये, यह बांझपन की समस्या को दूर करता है।
  • विटामिन डी के लिए अंडे और केले का सेवन करे।
  • अश्वगंधा का उपयोग करे क्योकि यह हार्मोन्स का संतुलन बनाये रखने में मदद करता है। इसके अलावा प्रजनन अंगो को कार्य करने के लिए बढ़ावा देता है।
  • मासिकधर्म के दौरान अधिक मसालेयुक्त भोजन का सेवन न करे।
  • शराब व धूम्रपान की आदत न लगाए। यह बांझपन की समस्या को बढ़ाता है।
  • अगर अधिक वजन है तो आपको अपना वजन कम करने का प्रयास करना चाहिए।
  • अक्सर तनाव में अधिक रहने से महिलाओं में फर्टिलिटी समस्या होती है। इसलिए अपने आप को तनावमुक्त रखने की कोशिश करें।

महिलाओं में बांझपन की समस्या के बारे में अधिक जानकारी व उपचार के लिए किसी अच्छी (Gynecologist) से संपर्क करें।

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है। 


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