मायोमेक्टॉमी क्या होता है। Myomectomy Meaning in Hindi.

Login to Health अक्टूबर 6, 2020 Womens Health 880 Views

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Myomectomy Meaning in Hindi.

बच्चेदानी से रसौली निकालने की सर्जरी को मायोमेक्टॉमी कहा जाता है। गर्भाशय में रसौली गैर कैंसर की गांठ बनती है जो अलग आकार और अलग नाम के होते है। गर्भाशय में गैर कैंसर में सबसेरॉल, इंट्रामयूरल, सबम्यूकोसल और पेडन्कूलेटेड फ्राइब्रॉइड्स आदि शामिल है। रसौली में गैर कैंसर गांठ होने पर लक्षण का अनुभव होने लगता है। रसोली के कारण महिलाओं को कई तरह की प्रजनन से जुडी समस्या यानि बांझपन का सामना करना पड़ता है। इन समस्या का निवारण करने हेतु चिकिस्तक मायोमेक्टॉमी सर्जरी करवाने की सलाह देते है। हालांकि यह सर्जरी महिला की स्तिथि पर निर्भर होता है की कौन सा मायोमेक्टॉमी किया जाना चाहिए। सर्जरी के आधार पर महिलाओं को अस्पताल में रिकवर के लिए रखा जाता है। चिकिस्तक के अनुसार कुछ महिलाओं के रसौली निकालने के बाद फिर से रसौली बनने का जोखिम लगा रहता हैं। बहुत सी महिलाओं को गर्भाशय में रसौली के बारे में पता नहीं होगा की रसौली के होने से मासिकधर्म में अधिक रक्तस्राव होता है। चलिए आज के लेख में आपको मायोमेक्टॉमी सर्जरी (Myomectomy Meaning in Hindi) के बारे में विस्तार से बताते हैं। 

  • मायोमेक्टॉमी क्यों किया जाता हैं ? (What are the Purpose of Myomectomy in Hindi)
  • मायोमेक्टॉमी कैसे की जाती हैं ? (What are the Procedure of Myomectomy in Hindi)
  • मायोमेक्टॉमी के बाद देखभाल कैसे करें ? (How to Care After Myomectomy in Hindi)
  • मायोमेक्टॉमी के बाद क्या जटिलाएं आ सकती हैं ? (What are the Risks of Myomectomy in Hindi)
  • भारत में मायोमेक्टॉमी कराने का कितना खर्च लगता हैं ? (What is cost of Myomectomy in India in Hindi)

मायोमेक्टॉमी क्यों किया जाता हैं ? (What are the Purpose of Myomectomy in Hindi)

अगर गर्भाशय में रसौली बनने के कारण महिला को रोजाना के कामो को करने में परेशानी हो रही है तो चिकिस्तक मायोमेक्टोमी करवाने की सलाह दे सकते है। इसके अलावा कुछ निम्न स्तिथि होने पर गर्भाशय की सर्जरी न कर मायोमेक्टोमी करने की सलाह देते है। 

  • जैसे – संभोग के दौरान अधिक पीड़ा होना। 
  • पेशाब बार-बार लगना। 
  • मासिकधर्म में अत्यधिक रक्तस्राव होना। 
  • पेट भरा लगना। 
  • मासिकधर्म न होने पर रक्तस्राव होने लगना। 
  • प्रजनन संबंधित समस्या जैसे बांझपन, बार -बार बच्चा गिर जाना यानि मिसकैरेज आदि।  (और पढ़े – महिला में बांझपन का कारण)
  • महिला गर्भाशय निकालना नहीं चाहती हो। 
  • महिला सर्जरी के बाद माँ बनने की कोशिश करें। 
  • रसौली के कारण प्रजनन क्षमता पर प्रभाव पड़ता है तो मायोमेक्टोमी कर सकते है। 

चिकिस्तक के अनुसार मायोमेक्टोमी सर्जरी के बाद भी महिला दुबारा गर्भधारण कर सकती है। किसी के गर्भाशय में रसौली हो गयी है तो सर्जरी के जरिये बाहर निकाल देते है। 

मयोमेक्टमी कैसे की जाती हैं ? (What are the Procedure of Myomectomy in Hindi)

मायोमेक्टोमी करने से पहले महिला के गर्भाशय फाइब्रॉएड या लेइयोमोमा का परीक्षण पेट या ट्रांसवेजिनल अल्ट्रासाउंड द्वारा किया जा सकता है। इसमें गर्भाशय की विस्तृत छवियों को बनाने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग किया जाता है। 

  • आपके दिनचर्या (Routine pelvic) श्रेणी के आधार पर गर्भाशय में असामान्यताओं का पता लगाने में मदद कर सकती है। 
  • चिकिस्तक महिला का एमआरआई स्कैन जैसे कई इमेजिंग परीक्षण फाइब्रॉएड के आकार और स्थान को निर्धारित करने में मदद करता है। 
  • फाइब्रॉएड की सटीक तस्वीरें को देखने के लिए गर्भाशय गुहा का विस्तार करने के लिए हिस्टेरोसोनोग्राफी खारा समाधान का उपयोग किया जाता है। 
  • हिस्टेरोस्कोपी और हिस्टेरोस्लिंगोग्राफी अन्य परीक्षण हैं जो लियोमायोमा का निदान करने में मदद करते हैं।

गर्भाशय का आकार और स्थान की जटिलता की स्तिथि के आधार पर निम्न प्रकार से मायोमेक्टोमी सर्जरी की जाती हैं।

  • उदर मायोमेक्टॉमी (Abdominal Myomectomy) गर्भाशय फाइब्रॉएड को हटाने के सबसे सामान्य तरीकों में से एक है। पेट के पास एक चीरा लगाया जाता है और लेयोमोमा को हटा दिया जाता है। यह गहरे और साथ ही बड़े फाइब्रॉएड को हटाने के लिए प्रभावी है।
  • लैप्रोस्कोपिक मायोमेक्टोमी (Laparoscopic Myomectomy)फाइब्रॉएड के लिए एक प्रभावी उपचार है क्योंकि यह तेजी से रिकवरी करता है और एक न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी है।
  • हिस्टेरोस्कोपिक मायोमेक्टोमी (Hysteroscopic Myomectomy) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें फाइब्रॉएड की विस्तृत छवियों को प्राप्त करने के लिए गर्भ में एक कैमरा डाला जाता है और फिर आसानी से ऑपरेशन किया जा सकता है।

मायोमेक्टॉमी के बाद देखभाल कैसे करें ? ( How to Care After Myomectomy in Hindi)

मायोमेक्टॉमी (Myomectomy Meaning in Hindi)  के बाद महिला को रिकवरी के 4 दिन अस्पताल में रखा जाता है ताकि मरीज की स्वास्थ्य की उचित देखभाल कर सके। इसके अलावा नर्स और चिकिस्तक की टीम समय पर मरीज की जांच करते रहते है। 

अस्पताल से घर जाने पर मरीज के स्वास्थ्य का बहुत ध्यान देना चाहिए, इसलिए कुछ निम्न सलाह दे सकते है। 

  • जैसे – सर्जरी के बाद मरीज को कम से कम 4 से 6 सप्ताह तक कोई भारी काम न करें। इसके अलावा अधिक शारीरिक गतिविधि न करें। 
  • संतुलित व पौष्टिक आहार का सेवन कर सकते है। 
  • यदि मायोमेक्टोमी के दौरान बहुत अधिक रक्त का नुकसान हुआ है तो ऐसे मामले में चिकिस्तक आयरन की खुराक लिख सकते हैं। (और पढ़े – आयरन की कमी क्यों होती है)
  • आंत्र जोखिम से बचने के लिए रोजाना चलने -फिरने की सलाह दी जाती है। 

मायोमेक्टॉमी के बाद क्या जटिलाएं आ सकती हैं ? (What are the Risks of Myomectomy in Hindi)

सर्जरी के बाद कुछ निम्न जटिलताएं आ सकती है। 

  • सर्जरी के दौरान भारी रक्तस्राव की संभावना होती है, जिसके कारण गर्भाशय की रक्त वाहिकाओं के अवरुद्ध होने से एनीमिया का जोखिम हो सकता है। 
  • आस-पास की संरचनाओं में उलझे आसंजनों के कारण सर्जरी के बाद निशान ऊतक भी विकसित हो सकता है। 
  • इससे ब्लॉक फैलोपियन ट्यूब या आंत के एक लूप का विकास हो सकता है। 
  • यदि गलती से एक गैर कैंसर फाइब्रॉएड है तो कैंसर के ट्यूमर के फैलने की संभावना हो सकती है। 
  • यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का जोखिम है तो फाइब्रॉएड मूत्राशय के बहुत करीब होते हैं। इससे सर्जरी के दौरान लेयोमायोमा मुड़ भी सकता है।

भारत में मायोमेक्टॉमी कराने का कितना खर्च लगता हैं ? (What is cost of Myomectomy in India in Hindi)

भारत में मायोमेक्टॉमी सर्जरी कराने का कुल खर्च लगभग INR 125000 से INR 210000 तक लग सकता है। हालांकि भारत में बहुत से बड़े अस्पताल के डॉक्टर है जो मायोमेक्टॉमी सर्जरी का इलाज करते है। लेकिन सभी अस्पतालों में मायोमेक्टॉमी सर्जरी का खर्च अलग-अलग है। अगर आप अच्छे अस्पतालों में मायोमेक्टॉमी सर्जरी के खर्च व डॉक्टर के बारे में जानकारी के लिए (और पढ़े – मायोमेक्टॉमी का इलाज खर्च) 

अगर आप विदेश से आ रहे है तो आपकी मायोमेक्टॉमी सर्जरी के इलाज के खर्च के अलावा होटल में रहने का खर्चा होगा, रहने का खर्चा होगा, लोकल ट्रेवल का खर्चा होगा। इसके अलावा सर्जरी के बाद मरीज को चार दिन अस्पताल और  दिन होटल में रिकवरी के लिए रखा जाता है, इसलिए सभी खर्चे मिलाकर INR 296,967  होते है जो एक साथ अस्पताल में लिये जाते है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए (और पढ़े – मायोमेक्टॉमी का इलाज खर्च कितना है)  

अगर आपको मायोमेक्टॉमी के बारे (Myomectomy Meaning in Hindi)  में अधिक जानकारी एव इलाज करवाना हो तो स्त्री विशेषज्ञ (Gynecologist/Obstetrician) से संपर्क करें। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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